शुभ, श्रेय
वह कर्म जो नैतिक दृष्टि से मान्य हो, नैतिकता का साध्य हो अथवा नैतिक मूल्य रखता हो।
Good Analogy
सुसाम्यानुमान
1. वह साम्यानुमान जो दृष्टान्तों एवं सामान्य विशेषताओं की अधिकतम संख्या और गुणवत्ता के ऊपर आधारित हो।
2. दो पदार्थों, व्यक्तियों या अवधारणाओं में महत्वपूर्ण समानता।
Gratuitous Hypothesis
अनुपयोगी प्राक्कल्पना
ऐसी प्राक्कल्पना जो जाति पर आधारित न होकर केवल व्यक्तियों (दृष्टान्तों) की संख्या के ऊपर आधारित होती है।
Great Man Theory
महापुरूष सिद्धांत
वह सिद्धांत जो इतिहास को समझने के लिए महापुरूषों को कुंजी मानता है या इतिहास के निर्माण में उनका महत्व मानता है।
Gross Egoistic Hedonism
स्थूल स्वार्थपरक सुखवाद
वह सिद्धांत जो अपने दैहिक सुख को चरम उद्देश्य मानता है और सुखों में गुणात्मक भेद न मानकर केवल परिमाणात्मक भेद को स्वीकार करता है।
Gross Utilitarianism
स्थूल उपयोगितावाद
बेंथम द्वारा प्रतिपादित नैतिक मापदंड का सिद्धांत, जिसके अनुसार कर्म की उपयोगिता, उसके शुभाशुभ का निर्धारक है। इसमें अधिकतम लोगों के अधिकतम (दैहिक) सुख अभीष्ट हैं, तथा सुखों में मात्र परिमाणात्मक भेद होता है।
Grounds Of Induction
आगमन के आधार
कारणता और प्रकृति की एकरूपता के नियम जिन पर आगमन आश्रित है।
Happiness
प्रसन्नता, आनन्द
वह स्थिति जिसमें व्यक्ति कुल मिलाकर अपने जीवन से संतोष का अनुभव करता है या उसे अपने आदर्शों के अनुरूप पाता है।
Hard Data
दृढ़ प्रदत्त
संवेदन में व्याख्या, अर्थबोध इत्यादि मनःकल्पित अंशों को निकाल देने के बाद बचा हुआ सार भूत अंश जिसके बारे में ज्ञाता दृढ़ विश्वास के साथ कह सकता है कि वह बाहर से आया है।
Hard Determinism
दृढ़ नियतत्ववाद
विलियम जेम्स (William James) के द्वारा इस सिद्धांत के लिए प्रयुक्त पद कि मनुष्य और उसके कर्म पूर्णतः कारणों के द्वारा निर्धारित हैं और उसके वश के बिल्कुल बाहर हैं तथा हमारी उत्तरदायित्व और स्वतंत्रता की धारणाएँ एकदम निराधार हैं।