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Braj Bhasha Soor-Kosh (Vol-X)

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सौरज
शूरता, वीरता।
संज्ञा
पुं.
(सं. शैर्य्य)

सौर-जगत
सूर्य और उसकी परिक्रमा करनेवाले ग्रहों का समूह।
संज्ञा
पुं.
(सं. शैर्य्य + जगत)

सौरत
सुरत या रति-संबंधी।
वि.
(सं.)

सौरत्य
रति-सुख, संभोग।
संज्ञा
पुं.
(सं.)

सौर दिवस
एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक का समय।
संज्ञा
पुं.
(सं.)

सौरभ
खुशब, सुगंध।
संज्ञा
पुं.
(सं.)
उ.- (क) त्रिबिध समीर सुमन सौरभ मिलि मत्त मधुप गुंजार। (ख) ज्यौं सौरभ मृग-नाभि बसत है द्रुम-तृन सूंधि फिरथौ-२-२६।

सौरभ
आम, आम्र।
संज्ञा
पुं.
(सं.)

सौरभ
सुरभि अर्थात् गाय से उत्पन्न।
वि.

सौरभमय
सुगंधित।
वि.
(सं.)

सौरभित
सुगंध से युक्त।
वि.
(सं.)


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