राजनीतिक मीमांसा/दर्शन राजनीति शास्त्र का वह भाग जो मूलतः राज्य से संबंधित मूल्यों, मानकों एवं सिद्धांतों का आदर्श्यात्मक विश्लेषण एवं विवेचन प्रस्तुत करता है।
Political rights
राजनीतिक अधिकार वे अधिकार जो व्यक्ति को राजनीतिक व्यवस्था और राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने के अवसर प्रदान करते हों और जो साधारणतया राज्य के नागरिकों को ही दिए जाते हैं, विदेशियों को नहीं। उदाहरण के लिए, मताधिकार, निर्वाचनों में खड़े होने का अधिकार, सभा-समितियाँ बनाने का अधिकार, सम्मेलन करने का अधिकार आदि।
Political science
राजनीति विज्ञान, राजनीतिशास्त्र राजनीतिशास्त्र वह शास्त्र है जो राज्य एवं सरकार के विभिन्न पक्षों का वैज्ञानिक विश्लेषण करता है। आधुनिक समय में इसे राजनीतिक व्यवस्था एवं सार्वजनिक नीति का अध्ययन करने वाला शास्त्र भी माना जाता है और औपचारिक संस्थाओं एवं वैधिक संबंधों के स्थान पर प्रक्रियाओं, भूमिकाओं एवम अनौपचारिक संरचनाओं को इसमें विशेष महत्व दिया जाने लगा है। शक्ति संघर्ष अब इसके अध्ययन का केन्द्र बिन्दु माना जाने लगा है। डेविड ईस्टन के अनुसार राजनीतिशास्त्र वह शास्त्र है जो किसी समाज में मूल्यों के अधिकृत वितरण से संबंधित है और जिसका आधार शक्ति है।
Political socialization
राजनीतिक समाजीकरण किसी राज्य की राजनीतिक संस्कृति में वहाँ की जनता का प्रशिक्षण और जनता द्वारा उसे आत्मसात् किया जाना।
Political sociology
राजनीतिक समाजशास्त्र वह शास्त्र जो राजनीतिक संस्थाओं एवं प्रक्रियाओं का अध्ययन सामाजिक परिवेश में करता है अर्थात् उन संस्थाओं एवं प्रक्रियाओं पर सामाजिक मूल्यों, विचारों, परंपराओं तथा संरचनाओं के प्रभाव को महत्व देने हुए उनका अध्ययन एवं मूल्यांकन करता है। साथ ही, समाज पर राजनीतिक क्रियाओं एवं गतिविधियों से पड़ने वाले प्रभाव का भी अध्ययन करता है। इस प्रकार, राजनीतिक समाजशास्त्र का विषय-क्षेत्र समाज व राजनीति की पारस्परिक अंतःक्रिया है।
Political stability
राजनीतिक स्थिरता किसी राज्य विशेष की राजनीतिक परिस्थितियों में स्थायित्व बने रहने की स्थिति अर्थात् बारबार सत्ता का परिवर्तन न होना। दूसरे शब्दों में स्थापित सरकार का अपने निर्धारित कार्यकाल तक बने रहना।
Political system
राजनीतिक व्यवस्था किसी समाज में संरचनाओं, भूमिकाओं एवं प्रक्रियाओं का ऐसा प्रबंध जिसके माध्यम से उस समाज में अविकृत निर्णय लिए एवं लागू किए जाते हैं। इस व्यवस्था के चार मूल तत्व हैं :- (1) इसका विषय क्षेत्र समूचा समाज होता है ; (2) इसे अधिकृत निर्णय लेने का अधिकार होता है; (3) इसे उन निर्णयों को क्रियान्वित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग करने का अधिकार होता है ; और (4) समाज इस अधिकार के औचित्य को निर्विरोध रूप से स्वीकार करता है।
Political theory
राजनीतिक सिद्धांत राजनीतिशास्त्र का वह पक्ष जो राज्य से संबंधित विषयों जैसे, राज्य, सरकार, प्रभुसत्ता, विधि आदि के सिद्धांतों का अध्ययन करता है। इसका एक भाग आदर्शात्मक व विवेचनात्मक है जिसे राजनीतिक दर्शन कहते हैं और दूसरा भाग अनुभव, परख तथा व्यवहार पर आधारित है जो राजनीतिक गतिविधियों का मूल्यांकन, परीक्षण तथा विश्लेषण करता है।
Political thinker
राजनीतिक विचारक राजदर्शन, राज्यव्यवस्था अथवा राजनीतिक सिद्धांतों के विभिन्न पक्षों पर मौलिक चिंतन-मनन एवं विश्लेषण करने वाला बुद्धिजीवी।
Political thought
राजनीतिक चिंतन राज्य तथा शासन से संबंधित विभिन्न दार्शनिकों एवं चिंतकों के विचारों एवं उनके द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का संग्रह।