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Rajaneetivijnan Paribhasha Kosh (English-Hindi)
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Pacta sunt servanda
संधि का सद्भाव यह पद लेटिन भाषा का है जिसका अर्थ है कि राज्यों द्वारा की गई संधियों का उनके द्वारा निष्ठापूर्वक पालन किया जाना चाहिए।

Panchayati Raj
पंचायती राज भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों में गाँव एवं जिलों के स्थानीय स्वशासन की त्रिस्तरीय व्यवस्था। इसका प्रारंभ 1959 में बलवंतराय मेहता समिति के प्रतिवेदन (1957) के आधार पर किया गया था। इस व्यवस्था के अंतर्गत गाँवों और जिलों के स्थानीय स्वशासन की प्राचीन एवं परंपरागत संस्थाओं को पुनः संगठित किया गया। इस नई पंचायती राज्य व्यवस्था के तीन अंग हैं :- 1. ग्राम पंचायत, 2. पंचायत समिति, 3. जिला परिषद्। परंतु कुछ राज्यों में इस त्रिस्तरीय व्यवस्था के स्थान पर केवल द्विस्तरीय व्यवस्था पाई जाती है। पंचायती राज का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्वशासन की संस्थाओं को नियोजन एवं विकास की प्रक्रियाओं एवं कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भागीदार बनाना है।

Papal arbitration
पोप द्वारा अधिनिर्णय यूरोप में मध्य युग में धार्मिक तथा राजनीतिक क्षेत्रों में क्रमशः पादरियों और राजाओं की नियुक्ति अथवा उन्हें पदच्युत करने का पोप का अधिकार। यूरोपीय इतिहास में मध्यकाल में पोप का हस्तक्षेप समस्त ईसाई जगत में बहुत अधिक था। पोप का स्थान न केवल धर्मक्षेत्र ही में सर्वोच्च था अपितु राजनीति के क्षेत्र में भी उसका पूरा प्रभाव था। वह न केवल विभिन्न श्रेणियों के चर्चों के पादरियों की नियुक्ति करता था बल्कि कभी-कभी राजाओं को भी सिंहासनारूढ़ होने से पूर्व पोप की अनुमति लेनी पड़ती थी। वस्तुतः अनेक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं विवादास्पद मामलों में पोप का विवाचन सर्वमान्य होता था। धीरे-धीरे यूरोप के देशों में राजनीतिक जागृति के साथ पोप-सत्ता का प्रभाव कम होता चला गया।

Papal bull
पोप का आदेश पत्र धार्मिक राजनीतिक तथा अन्य मामलों में पोप द्वारा जारी किए गए आदेश-पत्र।

Paramoutcy
परमोच्च शक्ति, सर्वोपरिता वह स्थिति जिसमें एक राज्य द्वारा किसी दूसरे राज्य के अस्तित्व को समाप्त किए बिना उस राज्य के आंतरिक और बाहय मामलों पर, उस राज्य के साथ किए गए समझौते के अंतर्गत, अपना प्रभुत्व अथवा प्रभुसत्ता स्थापित कर ली गई हो। भारत में, ब्रिटिश साम्राज्य के देशी रियासतों के साथ संबंधों की यही प्रकृति थी।

Pardoning power
क्षमादान का अधिकार भारत के राष्ट्रपति और भारतीय गणतंत्र के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों को संविधान द्वारा प्रदत्त क्षमा करने का अधिकार। भारतीय संविधान के उपबंधों के अनुसार राष्ट्रपति किसी भी अभियुक्त को, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने दोषी ठहराया हो, पूर्णतः या अंशतः क्षमा प्रदान कर सकता है। यही स्थिति उच्च न्यायालयों द्वारा दोषी घोषित किए गए अभियुक्तों को क्षमा प्रदान करने के मामले में राज्यपालों की भी है। राज्यपाल उच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध किसी भी अभियुक्त को पूर्णतः या अंशतः क्षमा कर सकता है, उसे दिए गए दंड को घटा सकता है तथा पूर्णतः समाप्त भी कर सकता है। इस प्रकार की शक्ति विश्व के लगभग सभी राज्याध्यक्षों को प्राप्त है और इसका प्रारंभ ब्रिटेन में राजा के विशेषाधिकारों से हुआ है। इसमें सामूहिक रूप से क्षमादान करने तथा दंड निष्पादन को स्थगित करने के अधिकार भी शामिल हैं।

Paliament
papal bull

Parliamentarian
1. संसदवादी 2. संसदज्ञ 1. वह व्यक्ति जो संसदीय शासन व्यवस्था में आस्था रखता हो तथा उसका समर्थक हो। 2. वह व्यक्ति जो संसदीय कार्य पद्धति, उसके नियम-विनियमों आदि की अच्छी आनकारी रखता हो तथा अन्य विमर्शी संस्थाओं की परंपराओं एवं प्रक्रियाओं से भी भलीभांति परिचित हो।

Parliamentary affairs
संसदीय कार्य संसद द्वारा किए जाने वाले कार्य तथा संसदीय प्रक्रिया अथवा कार्यविधि से संबंधित मामले।

Parliamentary control
संसदीय नियंत्रण सरकार के वित्त-विधान तथा प्रशासनिक विषयों पर संसद का नियंत्रण 1 उक्त नियंत्रणों को विभिन्न उपायों द्वारा साकार बनाया जाता है। यह उपाय संसदीय कार्यप्रणाली के भाग हैं। इनमें विधि निर्माण प्रक्रिया, प्रश्नोत्तर व्यवस्था, अनेक प्रकार के प्रस्ताव जैसे, कामरोको प्रस्ताव, अविश्वास प्रस्ताव, आदि उल्लेखनीय हैं। संसद की वित्तीय समितियाँ-लोक लेखा समिति तथा प्राक्कलन समिति विशेष रूप से सरकार के आय-व्यय पर नियंत्रण रखने में संसद की सहायक होती है।


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