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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi)
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Fallacy Of Co-Effects
सह-कार्य-दोष एक ही कारण के कार्यों में से एक को अन्य का कारण मान लेने का दोष। जैसे : विद्युत का चमकना, बादल के गर्जन का कारण माना जाता है जबकि विद्युत का चमकना और बादल गर्जन दोनों एक ही कारण के सहकारी हैं।

Fallacy Of Co-Existence
सह-अस्तित्व-दोष साथ-साथ अस्तित्व रखने वाली बातों में कारण-कार्य का संबंध मान लेने का दोष, क्योंकि यह संबंध आनुक्रमिक घटनाओं में होता है। उदाहरण : यदि बिल्ली के रास्ता काटने से कोई दुर्घटना घटित हो जाती है तो सामान्यतः लोग बिल्ली द्वारा रास्ता काटे जाने को दुर्घटना का कारण मान लेते हैं जबकि दोनों के बीच कारण-कार्य संबंध न होकर सह-संबंध मात्र होता है।

Fallacy Of Complex Question
छल प्रश्न दोष यह दोष तब होता है जब प्रतिवादी से ऐसा प्रश्न किया जाता है जिसमें कोई अनुचित मान्यता छिपी रहती है। देखिए fallacy of many questions तथा fallacy of double question (ये सभी एक दोष के नामांतर हैं)। उदाहरणार्थ : यदि कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से प्रश्न करता है कि क्या आपने अपनी पत्नी को पीटना बन्द कर दिया है तो दूसरा व्यक्ति उक्त प्रश्न के उत्तर में न तो `हाँ` कह सकता है और न ही `नहीं` क्योंकि दोनों अवस्थाओं में उसे स्वीकार करना पड़ेगा कि वह अपनी पत्नी को कभी अवश्य पीटता रहा होगा।

Fallacy Of Composition
संग्रह-दोष, संहति-दोष किसी पद को व्यष्टिक अर्थ में ग्रहण करने के बाद उसका समष्टिक अर्थ में प्रयोग करने से उत्पन्न दोष। उदाहरण : प्रत्येक आदमी का सुख उसके लिए शुभ है; इसलिए सभी का सुख सम्पूर्ण समाज के लिए शुभ है। देखिए collective use तथा distributive use।

Fallacy Of Confusing Cause With Effect
कार्य-कारण-विपर्यय-दोष कार्य-कारण के रूप में संबंधित दो घटनाओं में से यह न समझ पाना कि कौन कारण है और कौन कार्य है। जैसे : मुर्गी और अण्डे के संबंध में यह न बता पाना कि मुर्गी अण्डे का कारण है अथवा अण्डा मुर्गी का कारण है।

Fallacy Of Consequent
फलवाक्य दोष हेतु और फल को परस्पर विनिमेय मान लेने से उत्पन्न होने वाला तर्कदोष। उदाहरण : यदि धर्म सचमुच आत्मोन्नति का साधन है, तो उसका कभी नाश नहीं होता; हिंदू धर्म का जो कि अनादिकाल से चला आ रहा है, नाश नहीं हुआ है; अतः हिंदू धर्म सचमुच आत्मोन्नति का साधन है।

Fallacy Of Context Mixing
संदर्भ-संकरण-दोष एक प्रकार का दोष जो किसी युक्ति में तब पैदा होता है जब उसमें एक भिन्न में ही सार्थकता रखने वाले शब्द का प्रयोग होता है। उदाहरण : भेडिए अभिमान नहीं करते, झूठ नहीं बोलते; इसलिए वे मनुष्य से अधिक नीतिपरायण हैं। (यहाँ भेड़िए के संदर्भ में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया है जो मनुष्य की चर्चा में ही सार्थकता रखते हैं।)

Fallacy Of Denying The Antecedent
हेतुवाक्य-निषेध-दोष पक्ष-आधारवाक्य में हेतुवाक्य का निषेध करके निष्कर्ष में फलवाक्य का निषेध करने का दोष। जैसे : ` यदि 'अ' है तो 'ब' है; 'अ' नहीं है; अतः 'ब' नहीं है। `यदि युद्ध होता है तो विनाश होता है; युद्ध नहीं हो रहा है; अतः नहीं हो रहा है।`

Fallacy Of Division
विग्रह-दोष किसी पद को पहले समष्टिक अर्थ में ग्रहण करके बाद में व्यष्टिक अर्थ में इस्तेमाल करने से उत्पन्न तर्कदोष। उदाहरण : `इस कमरे में विद्यमान सभी व्यक्तियों का वजन आठ क्विन्टल है; हरि इस कमरे में मौजूद एक व्यक्ति है; अतः हरि का वजन आठ क्विन्टल है।`

Fallacy Of Double Question
द्विगुणित प्रश्न-दोष देखिए `fallacy of complex question`।


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