पहली से पांचवीं कक्षा तक की शिक्षा। इस प्रारंभिक शिक्षा को पूर्ण करने के बाद बालक माध्यमिक स्तर की शिक्षा ग्रहण करता है। इसका उद्देश्य मुख्यतः मूल कौशलों और ज्ञान का शिक्षण है।
primary school
प्राथमिक विद्यालय
प्राथमिक शिक्षा देने वाली पाठशाला। बहुधा इसमें पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। इसमें प्राथमिक पूर्व कक्षाएं अर्थात नर्सरी कक्षाएं भी हो सकती हैं। यह पाठशाला सरकारी अथवा निजी हो सकती है।
primitive education
आदिम शिक्षा
अधिगम की औपचारिक अथवा अनौपचारिक प्रणाली जिसमें आदिम व्यक्ति अपने समाज के उपयुक्त ज्ञान, कौशल और विश्वास ग्रहण करता है, सभ्य समाज की तुलना में आदिम शिक्षा अधिक अनौपचारिक होती है और वह सामाजिक वंशागति को संचारित करने का प्रभावशाली साधन भी होती है।
principle of disuse
अनुपयोग-नियम
अधिगम का एक नियम जिसके अनुसार किसी स्थिति और अनुक्रिया के बीच संबंध जितना कम होता है उतना ही उस संबंध का प्रत्याह्वान कठिन होता है।
principle of multiple causation
बहुकारण सिद्धांत
एक धारणा जिसके अनुसार अधिकांश पठन निर्योग्यताएं या व्यवहार, अपसामान्यतायें आदि किसी विशिष्ट कारण के फलस्वरूप नहीं होती बल्कि इनके अनेक कारण होते हैं।
prison school
कारागार विद्यालय
कारावासियों के लिए विधिवत् शैक्षिक क्रियाओं का संस्थापन।
private college
गैर-सरकारी महाविद्यालय
वह महाविद्यालय जिसे सरकार द्वारा कोई सहायता प्राप्त न होती हो, जिसका प्रशासन तथा नियंत्रण किसी निजी संस्था द्वारा किया जाता हो।
private school
गैर-सरकारी विद्यालय
वह पाठशाला जिसकी स्थापना तथा जिसका प्रशासन सरकार द्वारा न होकर किसी निजी धार्मिक अथवा सांस्कृतिक संस्थान अथवा व्यक्ति विशेष द्वारा किया जाता है।
probationary promotion
परिवीक्षाधीन कक्षोन्नति
एक प्रकार की व्यवस्था जिसमें छात्र को अगली कक्षा में परीक्षण के आधार पर चढ़ा दिया जाता है और निर्धारित अवधि तक उसकी प्रगति का प्रेक्षण किया जाता है। यदि प्रगति संतोषजनक होती है तो उसे अगली श्रेणी में रहने दिया जाता है।
problematic situation
1. समस्यापूर्ण स्थिति 2. अनिश्चयात्मक स्थिति
1. वह स्थिति जिसमें किसी समस्या का समाधान आवश्यक हो, इस स्थिति में जो ज्ञात है वह उपयुक्त प्रतिक्रिया के लिए अपर्याप्त होता है। कोई ऐसी स्थिति जिस पर हम अपने पूर्व ज्ञान या अभ्यास की सहायता से काबू न पा सकें और इसके लिए अपेक्षित ज्ञान या अनुभव का पता लगाने से पहले किसी व्यापक परिकल्पना की आवश्यकता हो।
2. ऐसी स्थिति जिसके विषय में कुछ स्पष्ट न हो।