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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi)
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Indifferentism
1. तटस्थवाद : स्टोइकों (Stoics) का वह सिद्धांत कि स्वास्थ्य, धन-संपत्ति, सौदर्य, ऊँचे कुल में जन्म इत्यादि बातें हमारे वश की नहीं हैं और इसलिए ये नैतिक दृष्टि से तटस्थ हैं। 2. अभेदवाद : मध्य युग में यथार्थवाद और नामवाद के विवाद को दूर करने के लिए एबेलार्ड (Abelard) द्वारा प्रस्तुत वह सिद्धांत कि कोई वस्तु व्यष्टि है या जाति (सामान्य), यह हमारे दृष्टिकोण पर निर्भर करता है : इससे वस्तु के मूल स्वरूप में कोई अंतर नहीं आता।

Indirect Intention
परोक्ष अभिप्राय मैकेंजी के अनुसार, कर्त्ता के अभिप्राय का वह अंश जिसकी पूर्ति के उद्देश्य से तो कर्म में वह प्रवृत्त नहीं होता पर कर्त्ता का जो वास्तविक उद्देश्य होता है उससे अपरिहार्य रूप से जुड़े होने के कारण वह उसे स्वीकार करना पड़ता है।

Indirect Knowledge
परोक्ष ज्ञान वह ज्ञान जो प्रत्यक्ष से नहीं बल्कि अनुमान, साक्ष्य और आप्त-प्रमाण इत्यादि से परोक्षतः प्राप्त होता है।

Indirect Proof
परोक्ष प्रमाण देखिए `reductio ad absurdum`।

Indirect Reduction
परोक्ष-आकृत्यंतरण पारंपरिक तर्कशास्त्र में दिए हुए निगमन (द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ आकृति में) को असत्य मानते हुए, उसके व्याघातक वाक्य तथा दिये हुए आधारवाक्यों में से किसी एक के संयोग से प्रथम आकृति में ऐसा निगमन प्राप्त करके जो दूसरे आधारवाक्य का व्याघातक हो, यह सिद्ध करना कि मूल निगमन सत्य है।

Indiscernibility Of Identicals
तदात्म-अविभेद्यता लाइब्निज़ का वह नियम कि यदि 'अ' और 'ब' बिल्कुल एक ही वस्तुएँ हैं तो 'अ' के बारे में जो सत्य है वह 'ब' के बारे में भी सत्य है।

Individual Constant
व्यष्टि-अचर प्रतीकात्मक प्रतिज्ञपप्तियों में अंग्रेजी वर्णमाला का a से w तक का कोई भी छोटा अक्षर जिसे प्रतिज्ञप्ति-कलन (propositional calculus) में (उससे शुरू होने वाले) व्यक्ति वाचक नाम के स्थान पर रखा जाता है।

Individual Ethics
व्यष्टिक नीतिशास्त्र व्यष्टि की नैतिक समस्याओं और उनके समाधान से संबंधित अध्ययन।

Individual Intuition
व्यष्टिक अन्तर्बोध, व्यष्टिक अतःप्रज्ञा व्यक्ति में विद्यमान किसी कर्म-विशेष के उचित या अनुचित होने का सीधा और सहज ज्ञान।

Individual Intuitionism
व्यष्टिक अंतःप्रज्ञावाद नीतिशास्त्र में वह मत कि प्रत्येक व्यक्ति में कर्म के औचित्य-अनौचित्य का अंतःप्रज्ञा से तत्काल बोध हो जाता है। तुलना के लिए देखिए `general intuitionism`और `universal intuitionism`।


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