मनोचिकित्सात्मक अध्ययनों पर आधारित एक प्रविधि जिसमें मानवीय व्यवहार के विश्लेषण का आधार अहम् की निम्नलिखित तीन अवस्थाओं का परस्पर व्यापी प्रभाव होता है। ये अवस्थाएं हैं -- पितृ, प्रौढ़ तथा बालक। किसी विशिष्ट समय पर इन अवस्थाओं का आविर्भाव विगत घटनाओं पर निर्भर होता है जिनमें निम्नलिखित चरों का वास्तविक अनुभव समाहित होता है-- समय, स्थान, निर्णय, भावनाएं। ये अवस्थाएं सभी व्यक्तियों में अन्तर्निहित रहती हैं।
Transfer certificate
स्थानांतरण प्रमाणपत्र
विद्यालय में एक ऐसा फार्म जिसमें छात्र से संबंधित विवरण दिया जाता है। इसका प्रयोग छात्र का एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण होने पर किया जाता है।
Transition period
संक्रमण अवधि
विद्यालय शिक्षा तथा विश्वविद्यालयी शिक्षा के बीच के शैक्षिक कार्यक्रम का काल। यह कार्यक्रम इन दोनों स्तरों के बीच की कड़ी की भूमिका निभाते हुए शिक्षार्थी को विश्वविद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार करता है। इसमें शिक्षार्थी अपनी रूचियों की पहचान तथा उपयुक्त बौद्धिक कौशलों के विकास का अवसर पाते हैं।
Transposition
अंतर्विनिमय
1. नई स्थितियों में विषयवस्तु की समानता की अपेक्षा संबंधों की समानताओं के प्रति प्रतिक्रिया करना।
2. पूरी संरचना को बदले बिना केवल उसके खंडों को बदलना।
Truncated law of effect
रुंडित प्रभाव नियम
डॉo एलo थोर्नडाइक द्वारा प्रभाव नियम का एक संशोधित रूप। उसके अनुसार यद्यपि पारितोषक उद्दीपन और अनुक्रिया के संबंध को सदैव सुदृढ़ करता है, परन्तु यह अनिवार्य नहीं है कि दंड इस संबंध को क्षीण करे।
Tryout course
पूर्व-परीक्षणात्मक पाठ्यक्रम
एक प्रकार का पाठ्यक्रम जिसमें उन्नत अथवा जटिल क्रिया कलापों का प्रयास करने तथा किसी निश्चित अध्ययन क्षेत्र में सफलता के लिए अपनी योग्यता की जांच करने का अवसर दिया जाता है।
Two tailed test of significance
द्विवपुच्छ सार्थकता परीक्षण
ऐसा सार्थकता परीक्षण जिसमें समूचे वितरण की संभावना सामान्य वितरण वक्र की दो दिशा में हो, जैसे नियंत्रित और प्रायोगिक समूह के मध्य उपलब्धि के बीच अन्तर की सार्थकता का आकलन।
Two teacher school
द्विव शिक्षक विद्यालय
एक व्यष्टि विद्यालय जिसमें दो अध्यापक नियुक्त किए जाते हैं। इस प्रकार के विद्यालय में प्रारंभिक कक्षाएं अथवा प्रारंभिक तथा कुछ उच्च विद्यालयी कक्षाएं सम्मिलित होती हैं।
Tyler rational
टाइलर तर्काधार
टाइलर ने पाठ्यचर्या आयोजन के लिए निम्न चार केन्द्रीय प्रश्नों की रूपरेखा का निरूपण किया हैः 1. विद्यालय को कौन से शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति के प्रयत्न करने चाहिए, 2. इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए कौन से अधिगम अनुभव प्राप्त करने की व्यवस्था की जा सकती है ?
3. इन अनुभवों को किस प्रकार संगठित किया जा सकता है ?
4. ये उद्देश्य प्राप्त कर लिए गए हैं इसका निर्णय हम कैसे कर सकते हैं।
इन प्रश्नों का मूलाधार यह है कि पाठ्यचर्या आयोजन एक नियंत्रित तर्कसंगत प्रक्रिया है।
Unbaised estimate
अनभिनत आकलन, अपूर्वाग्राही आकलन
जनसंख्या प्राचल (पैरामीटर) का एक ऐसा अनुमान जो अपरिमित प्रतिदर्शों के माध्य मूल्य के बराबर होता है।