शुद्धता
सोने अथवा चाँदी की माप जो प्रति हजार भागों में इन धातुओं के अंश को व्यक्त करता है। 900 शुद्धता से तात्पर्य यह है कि नमूने के एक हजार भागों में सोने अथवा चाँदी के 900 भाग उपस्थित हैं।
Fine silver
परिशुद्ध रजत
रजत की मानक किस्म जिसमें 99.9% चाँदी और 0.1% तक तांबा होता है।
Finished steel
परिसज्जित इस्पात
बाजार में भेजने के लिए तैयार इस्पात। इस पर अन्य किसी प्रकार का उपचार करने की आवश्यकता नहीं होती। ब्लूम, बिलेट, शिलिका, चादर, छड़ आदि अर्धपरिसज्जित इस्पात के अंतर्गत आते हैं।
Finishing
परिसज्जन
1. धातु पृष्ठों को चिकना बनाने के लिए प्रयुक्त प्रक्रम। इन प्रक्रमों में प्रेषण बफन पॉलिशन, अतप्त बेल्लन, अतप्त कर्षण आदि आते हैं।
2. धातु पृष्ठों पर कार्बनिक अथवा अकार्बनिक लेपन।
3. फोर्जन में इसका अर्थ अंतिम मुद्रण से है। इसके बाद संभावित बंकन अथवा कर्षण क्रियाओं को छोड़कर धातु, प्रायः अंतिम आमाप और आकार में मिल जाता है।
4. देखिए-- Finishing
Finishing mill
परिसज्जा मिल
वह बेल्लन मिल जिसमें, चादर, प्लेट और अन्य उत्पादों को बनाने के लिए अंतिम बेल्लन-क्रिया की जाती है।
Finishings
परिसज्जक
किसी भ्राष्ट्र अथवा करछुल मे विद्यमान गलित इस्पात में अंतिम बार मिलाए जाने वाला पदार्थ। इसका उद्देश्य उपयुक्त संघटन का इस्पात बनाना अथवा विऑक्सीकरण हैं।
Fire clay
अग्निसह मृत्तिका
इस शब्द का प्रयोग उन सभी मिट्टियों के लिए होता है जिनका संगलनांक लगभग 1600°C से अधिक होता है और फलस्वरूप उनका उपयोग उच्चतापसह पदार्थ के रूप में हो सकता है। इस प्रकार की मिट्टियाँ प्रायः सब जगह पाई जाती हैं और इनके अभिलक्षणों में बहुत भिन्नता होती है। इनमें मुख्यतः सिलिका और ऐलुमिना होता है। उनके संघटन का एक आवश्यक लक्षण यह है कि उनमें क्षार की मात्रा बहुत कम या बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, अन्यथा वह गालक का काम करता है जिससे गलनांक कम हो जाता है।
Fire refining
अग्नि परिष्करण
देखिए-- Refining के अंतर्गत
Fish eye
मीनाक्ष
इस्पात में पाए जाने वाले सूक्ष्म विदर। ऊष्मा-प्रवणता के कारण यदि धातु प्रतिबल के प्रभाव में हो और साथ-साथ उसका क्रिस्टलन (अथवा पुनक्रिस्टलन) भी हो तो ये सूक्ष्म विदर उत्पन्न होते हैं। जब द्रव जमकर ठोस बनता है तो सामान्यतया संकुचन होता है। किंतु बहुरूपी परिवर्तनों के कारण अतिरिक्त संकुचन भी होता है। संकुचन गर्त अथवा विदर धातु में सूक्ष्म अबंधित क्षेत्रों के रूप में उत्पन्न होते हैं। उनके प्रभाव से तनन सामर्थ्य और तन्यता दोनों कम हो जाते हैं।