निहित परिभाषा
प्रतीकात्मक तर्कशास्त्र में स्वयंसिद्ध वाक्यों के एक समुच्चय में आये हुए अपरिभाषित पदों को इस प्रकार से परिभाषित करना कि उन पदों के निर्देश अभिप्रेत वस्तुओं तक ही सीमित रहें और ऐसा स्वयंसिद्ध वाक्यों में ऐसी शर्तों को समाविष्ट करके किया जाता है जिन्हें वस्तुओं का कोई एक समुच्चय कर सकता है।
Implicit Faith
अंतर्निहित आस्था
ईसाई धर्मशास्त्र में ऐसे व्यक्ति की धार्मिक आस्था के लिए प्रयुक्त पद जो चर्च की शिक्षाओं को पूर्णतः सत्य मानता है परंतु स्पष्ट रूप में यह नहीं जानता कि वे हैं क्या।
Import
आशय
पदों के संदर्भ में, अर्थ या गुणार्थ का पर्याय। प्रतिज्ञप्तियों के संदर्भ में, उद्देश्य, विधेय और इनके संबंध का जो अर्थ होता है उसके लिए तथा पूरी प्रतिज्ञप्ति मुख्य रूप से वस्तुओं, नामों या प्रत्ययों में से जिसकी बोधक होती है या मानी जाती है उसके लिए प्रयुक्त शब्द।
Impredicative Definition
अविधेयक परिभाषा
हेनरी प्वाइन्केअर (Henri Poincare, 1854-1912) के अनुसार, किसी वस्तु की उस समष्टि के द्वारा दी गई परिभाषा जिसका वह स्वयं एक सदस्य हो। ऐसी परिभाषा दोषयुक्त मानी गई है।
Impressionism
संस्कारवाद, प्रभाववाद
ह्यूम का वह मत कि हमको अपनी ज्ञानेन्द्रियों द्वारा वस्तुओं के जो संस्कार (छाप) प्राप्त होते हैं वही ज्ञान के मूल स्रोत हैं।
Inclination
प्रवृत्ति
झुकाव, या अनुकूल वृत्ति जो कि किसी कार्य को स्वेच्छा से या बिना बाहरी दबाव के करने में प्रकट होती है।
Inclusion
समावेश
ऐसे दो समुच्चयों या कुलकों का संबंध जिनमें से एक के सभी सदस्य दूसरे के भी सदस्य होते हैं।
Incomplete Induction
अपूर्ण आगमन
अवैज्ञानिक आगमन का वह प्रकार जिसके मूल में प्रकृति-समरूपता के नियम को आधार मानकर किसी सामान्य निष्कर्ष को प्रतिपादित किया जाता है।
उदाहरणार्थ : अनेक कौओं को काला देखकर सभी कौओं के काले होने का निष्कर्ष प्रतिपादित करना।
Incomplete Symbol
अपूर्ण प्रतीक
बर्ट्रेन्ड रसल ने प्रतीकात्मक तर्कशास्त्र के अन्तर्गत अपूर्ण प्रतीक का प्रयोग किया है। अपूर्ण प्रतीक वह प्रतीक है जो अपना कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं रखता है, परन्तु अन्य प्रतीकों का घटक बनकर उन्हें अर्थ प्रदान कर सकता है।
Inconsistent Triad
असंगत त्रिक
तीन प्रतिज्ञप्तियों का वह समुच्चय जिसमें कम से कम एक असत्य होता है क्योंकि उनमें से किन्हीं दो के आधार पर तीसरी प्रतिज्ञप्ति का निषेध निगमित किया जा सकता है। जब ऐसा निगमन (न्यायवाक्यी होता है, तो इस असंगति के आकार को प्रतिहेतु-न्यायवाक्य (antilogism) कहते हैं।