एक संज्ञानात्मक शैली या वातावरण को अर्थपूर्ण ढंग से संयोजित करने का तरीका जिसका तात्पर्य विशेषत: व्यक्तियों के मध्य भेद करने से है।
Cognitive consistency
संज्ञानात्मक संगति
सामाजिक अभिज्ञान का एक प्रकार जिसमें लोग अपने संज्ञानों में असंगति को कम करने का प्रयास करते हैं, क्योंकि वे असंगतियाँ अप्रिय होती हैं।
Cognitive consistency theories
संज्ञानात्मक संगति सिद्धांत
अभिवृत्ति सिद्धांतों का एक समुच्चय जिसमें इस बात पर बल दिया जाता है कि लोग अपने विविध संज्ञानों के बीच आंतरिक संगति, व्यवस्था एवं सहमति बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
Cognitive consonance
संज्ञानात्मक अंत:संबद्धता
संज्ञान की वह विशेषता जो संज्ञान के अन्य घटकों में मौजूद आंतरिक सामंजस्य की सूचक हों। यह अंत:संबद्धता घटकों में संगति होने पर ज्यादा और संगति न होने पर कम मानी जाती है।
Cognitive development
संज्ञानात्मक विकास
विचार, स्मृति, प्रत्यक्षीकरण, पुनर्विन्यास और चयन में जीवन-पर्यंत होने वाली वृद्धि और परिवर्तन।
Cognitive dissonance
संज्ञानात्मक विसंवादिता
अभिवृत्तियों के परिवर्तन के बारे में फेस्टिंगर द्वारा प्रतिपादित एक सिद्धांत जिसके अनुसार व्यक्ति किसी घटना या वस्तु के संज्ञान में तार्किक विसंगतियाँ पाने पर उलझन और मानसिक पीड़ा अनुभव करे और फलत: उसके विभिन्न घटकों की असंगतियों को अभीष्ट संज्ञानात्मक और अभिवृत्यात्मक परिवर्तनों द्वारा कम करने के लिए प्रयत्नशील रहे या इन परिवर्तनों से उसे इन विरोधों को कम करने का अभिप्रेरण मिले।
Cognitive economy
संज्ञानात्मक मितव्ययिता
वह सिद्धांत जिसमें संप्रत्यय के लक्षण पदानुक्रम में अधीनस्थ, मूल अथवा उच्चकोटि स्तर पर केवल एक बार प्रतिनिधित्व होता है।
Cognitive economy assumption
संज्ञानात्मक मितव्ययिता अवधारणा
यह पूर्वधारणा कि संप्रत्यय के लक्षणों का प्रतिनिधित्व केवल एक बार अनुक्रम के अधीनस्थ, आधारभूत अथवा उच्चस्थ स्तर पर होता है।
Cognitive framework
संज्ञानात्मक ढाँचा
सामाजिक प्रत्यक्षीकरण में प्रयुक्त संवर्ग एवं उन संवर्गो के पारस्परिक संबंध। इसमें अन्तर्निहित व्यक्तित्व सिद्धांत, शीलगुणों के आपसी संबंध एवं रुढ़ियुक्तियाँ सम्मिलित हैं।
Cognitive learning
संज्ञानात्मक अधिगम
व्यक्ति अथवा जीव में अनुभव के आधार पर सूचना-प्रक्रमण में आया परिवर्तन।