ऐलि भ्राष्ट
पिटवाँ लोहे के उत्पादन के लिए प्रयुक्त एक यंत्रचालित भट्टी। इसमें पिघले कच्चे लोहे को एक हार्थ में उड़ेला जाता है और ऊपर से बेलन मिल के शुल्क और सिंडर डालते हैं। तत्पश्चात् भट्टी का 60° पर तब तक दोलन करते रहते हैं जब तक सतह पर गैस के बुलबुले प्रकट न हो जाएँ। इसके बाद धातुमल और धातु को मिलाने के लिए भट्टी को केंद्रीय अक्ष के चारों ओर घुमाया जाता है। अंत में पिटवाँ लोहे का एक गोला बन जाता है। यह विधि बहुत कुछ हस्त आलोडन भट्टी (Hand puddling furnace) की तरह है।
Embossing
उच्चित्रण
धातु की बनी वस्तुओं के पृष्ठ पर उभार द्वारा डिजाइन बनाना।
Embrittlement
भंगुरण
भौतिक अथवा रासायनिक परिवर्तन के कारण किसी धातु अथवा मिश्रातु में सामान्य तन्यता का अभाव होना।
Caustic embrittlement
कास्टिक भंगुरण
देखिए-- Caustic cracking
हाइड्रोजन भंगुरण (Hydrogen embrittlement): हाइड्रोजन की उपस्थिति के कारण किसी धातु में तन्यता अथवा चर्मलता का अभाव होना। हाइड्रोजन का अवशोषण, मार्जन, अम्लोपचार, इनैमलन अथवा विद्युत-लेपन के समय हो सकता है। 0.002 प्रतिशत हाइड्रोजन भी इस्पात को भंगूर बना देता है। हाइड्रोजन-भंगुरण को काल-प्रभावन द्वारा अथवा अतप्त कर्मण से पहले इस्पात को उबलते पानी में भिगोकर दूर किया जा सकता है।
पायन भंगुरण (Temper embrittlement) : जब मध्यम अथवा न्यून-मिश्रातु इस्पातों का 350° --600°C के बीच पायन किया जाता है अथवा उन्हें उच्च पायन-ताप से धीरे धीरे ठंडा किया जाता है तो खाँचित शलाका प्रतिधात प्रतिरोध में कमी आ जाती है। क्रांतिक ताप परास से अधिक ताप तक गरम करने के बाद शीघ्र ठंडा करने से पायन भंगुरण समाप्त किया जा सकता है।
Enargite
इनार्जाइट
3Cu2 S As₂ S₅ ताम्र-आर्सेनिक सल्फाइड जो तांबे का महत्वपूर्ण अयस्क है। यह विषमलंवाक्ष समुदाय में क्रिस्टलित होता है। कठोरता 3. आपेक्षिक घनत्व 4.43--4.45।
End quench test
अंत्य शमन परीक्षण
देखिए-- Jominy end quench test
Endurance limit
सहन सीम
देखिए-- Fatigue limit
Endurance ratio
सहन अनुपात
किसी पदार्थ की श्रांति सीमा और चरम लनन सामर्थ्यक का अनुपात। इस्पातों के लिए इसका मान 0.5 के आसपास होता है।
Endurance test
सहन परीक्षण
देखिए-- Under mechanical test के अंतर्गत-- Fatigue test
Enduro alloys
एंडयूरो मिश्रातु
लोह मिश्रातुओं की एक श्रेणी जिसमें निकैल, क्रोमियम और कार्बन होते हैं। इनमें मॉलिब्डेनम, मैंगनीज और सिलिकन भी हो सकते हैं। ये उत्तम संक्षारणरोधी और ऊष्मारोधी होते हैं। इनका उपयोग रासायनिक संयंत्रों और टर्बाइनों में होता है।