विद्युत-अपघटनी सेल
एक विद्युत-चालक तंत्र विद्युत-रासायनिक क्रिया उत्पन्न करने के उद्देश्य से एनोड और कैथोड दोनों विद्युततः संयोजित रहते हैं और विद्युत-अपघट्य में डूबे रहते हैं। आरोपित विद्युत धारा के कारण पदार्थ एनोड से धुलाकर विद्युत अपघट्य से होते हुए कैथोड पर जमा हो जाते है। इन सेलों का प्रयोग विद्युत-निष्कर्षण, विद्युत-लेपन और विद्युत-परिष्करण के लिए होता है विद्युत-अपघटनी संक्षारण भी इन्हीं सेलों के कारण होता है।
Electrolytic cleaning
वैद्युत अपघटनी निर्मलन
एक निर्मलन-प्रक्रम जिसमें धातु के पृष्ठ से ग्रीज, शल्क आदि को हटाया जाता है। जिस वस्तु का शोधन करना हो उसका किसी उपयुक्त विद्युत-अपघट्य में कैथोड बनाया जाता है। विद्युत-उपघटनी विजंगन (Eletrolytic derusting) इस्पात-पृष्ठों से संक्षारण-उत्पादों को हटाने की एक प्रभावकारी विधि है। इसमें निष्क्रिय कार्बन इलेक्ट्रोडों अथवा ऐनोड के रूप में इस्पात छड़ों की आवश्यकता होती है। इसमें उच्च ऐम्पियरता पर लगभग 12 वोल्ट विद्युत तथा विद्युत-अपघट्य के रूप में समुद्र का पानी अथवा तनु कास्टिक सोडा का प्रयोग होता है।
धातु और जंग-निक्षेप के बीच हाइड्रोजन कैथोड पर उत्पन्न होती है। जंग को या तो हाथ से हटा दिया जाता है अथवा इतना ढीला कर दिया जाता है कि उसे होज या बुरुश द्वारा आसानी से हटाया जा सके।
अन्य प्रकार के विद्युत-अपघटनी निर्मलन, विद्युत-लेपन से पहले ऐनोडी उत्कीर्णन किया जाता है ताकि विद्युत निक्षेपण ठीक प्रकार से हो सके।
वैद्युत अपघटनी रसोत्कीर्णन
विद्युत-निक्षेपण से पूर्व धातुओं के उपचार के लिए प्रयुक्त एक विधि। इसमें किसी विद्युत-अपघट्य में धातुओं को ऐनोड बनाया जाता है और उपयुक्त धारा-घनत्व का प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग धातु-चित्रण परीक्षण में नमूनों के रसोत्कीर्णन के लिए भी होता है।
Electrolytic grinding
वैद्युत अपघटनी पेषण
धातुओं, धात्विक कार्बाइडों आदि विद्युत चालक वस्तुओं के पृष्ठों को चिकना बनाने या आकार प्रदान की विधि। इसमें धातु डिस्क के बने कैथोड को कार्य-वस्तु के बिल्कुल समीप घुमाया जाता है। कार्य-वस्तु ऐनोड का काम करती है। ऐनोड की खुरदरी सतह विलीन हो जाती है जिससे पृष्ठ चिकना हो जाता है। डिस्क और कार्य-वस्तु के ऊपर विद्युत-अपघट्य को प्रवाहित किया जाता है। इसके लिए 16-18 वोल्ट की अपरिवर्ती प्रत्यक्ष धारा, उच्च चालक विद्युत-अपघट्य और ऐनोड पर उच्च धारा घनत्व की आवश्यकता होती है।
Electrolytic polishing
वैद्युत अपघटनी पॉलिशन
धातु-पृष्ठों को परिष्कृत करने की एक विधि। जिस वस्तु पर पॉलिश करना हो उसे किसी विद्युत-अपघटनी सेल का ऐनोड बनाया जाता है। वस्तु का पृष्ठ घुल जाने से विशेष अवस्थाओं में वह चमकीला बन जाता है। इस विधि का उपयोग सूक्ष्म चित्रण नमूनों (Micrographic specimens) परावर्तक पृष्ठों आदि को बनाने में होता है। इसे वैद्युत पॉलिशन भी कहते हैं।
Electrolytic refining
वैद्युत अपघटनी परिष्करण
देखिए-- Refining के अंतर्गत
Electromachining
वैद्युत मशीनन
1. पेषण और मशीनन की संयुक्त विधि। इसमें-आबद्ध अपघर्षक पहिया (जो प्रायः हीरा होता है) कैथोड का काम करता है जो कार्य-वस्तु के बने ऐनोड के संपर्क में रहता है। यह संपर्क किसी उपयुक्त विद्युत अपघट्य के ऊपरी सतह के नीचे किया जाता है। अपघर्षक कणों द्वारा पेषण होता है। ये कण अचालक अंतर को (Non-conduction spacer) का काम करते है जिससे विद्युत-अपघट्य द्वारा साथ में मशीनन भी होता रहता है।
2. देखिए-- Electrolytic grinding भी
Electromagnetic separation
वैद्युत चुंबकीय पृथक्करण
विद्युत-चुंबकों के आकर्षण द्वारा किसी चुंबकीय पदार्थ को अचुंबकीय पदार्थों से पृथक करना। इस विधि का उपयोग मैग्नेटाइट आदि चुंबकीय अयस्क के सीधे सांद्रण के लिए अथवा लोहमय मैंगनीज अयस्क या क्रोमाइट आदि अचुंबकीय खनिजों को चुंबकीय लोह खनिजों में परिवर्तित करने के बाद किया जाता हैं। अचुंबकीय खनिज, अपचायी भर्जन (चुंबककारी भर्जन) द्वारा चुंबकीय खनिजों में परिवर्तित किए जाते हैं। इस विधि में पेटी वाहक अथवा घूर्णी ड्रम मशीनों का उपयोग किया जाता है।