विद्युत भट्टी मैट-प्रगलन प्रक्रम
विद्युत भट्टी में किया जाने वाला एक मैट-प्रगलन प्रक्रम। इसमें घान, कैल्साइन और गालक का मिश्रण होता है। भट्टी के अंदर हवा के प्रवेश को नियंत्रित करके भट्टी से बाहर निकलने वाली गैस में सल्फर डाइऑक्साइड की सांद्रता इतनी कम रखी जा सकती है कि वायु में विशेष प्रदूषण उत्पन्न किए बिना उसे सीधा बाहर निकाला जा सके अथवा सल्फर डाइ-ऑक्साइड की मात्रा इतनी अधिक बढ़ाई जा सकती है कि उसकी प्राप्ति लाभकारी हो।
Electrician's solder
इलेक्ट्रिशियन सोल्डर
कम गलनांक वाला मिश्रातु जिसमें 94.5% वंग और 5.5% ऐन्टिमनी होता है। इसका उपयोग विद्युत यंत्रों और परिपथों में सोल्डर के रूप में किया जाता है।
Electric ingot process
विद्युत पिंड प्रक्रम
धातुओं के गलन, संचकन और उत्तरोत्तर पिंडन की सतत विधि जिसमें गलित धातु को पूर्णतया वायुमंडल से पृथक रखा जाता है। इसमें न्यूनतम संपृकथन होता है तथा उच्चतापसह आस्तर का इस्तेमाल न होने के कारण संदूषण बिल्कुल नहीं होता। इस विधि से पाइप रहित तथा दोष रहित पिंड प्राप्त होते हैं। इससे छोटे और अपेक्षाकृत बड़े दोनों प्रकार के पिंड बनाए जा सकते हैं।
Electric smelting
विद्युत प्रगलन
देखिए-- Smelting के अंतर्गत Electric furnace smelting
Electric steel
विद्युत इस्पात
किसी एक विद्युत प्रक्रम द्वा निर्मित इस्पात जिसमें इस्पात को गलाने के लिए आवश्यक ऊष्मा विद्युत-आर्क से प्राप्त होती हैं। यह ऑर्क धातु और कार्बन इलेक्ट्रोड के बीच उत्पन्न किया जाता है। ऊष्मा, उच्च आवृत्ति धारा द्वारा प्रेरित भंवर-धारा से भी प्राप्त की जा सकती है।
Electroanalysis
वैद्युत विश्लेषण
धातुओं के विश्लेषण की एक विधि। जिस धातु का निर्धारण करना हो उसका पहले से तोले गए इलेक्ट्रोड पर विद्युत-निक्षेपण किया जाता है। निक्षेपण के पूरा हो जाने पर इलेक्ट्रोड के भार में हुई वृद्धि से किया जाता है।
Electrocast process
वैद्युत संचकन प्रक्रम
उच्चतापसह पदार्थ को वांछित रूप में बनाने की विधि। इसमें उपयुक्त अनुपात में कच्चे पदार्थों को मिलाकर उन्हे विद्युत-भट्टी में संगलित होने तक गर्म किया जाता है और अंत में संचकित कर दिया जाता है।
Electrochemical cleaning
वैद्युत रासायनिक निर्मलन
जंगरोधी इस्पात से वेल्ड अपवर्णता को हटाने की विधि। यह विधि उस अवस्था में विशेष उपयोगी है जब साधारण विधियों से यह क्रिया न की जा सके। इसमें तांबे की छड़ को उचित आकार में मोड़कर उसके सिरे पर रबर के छोटे छोटे टुकड़े लगा दिए जाते हैं, ताकि तांबा, जंगरोधी इस्पात को न छुए और लघु परिपथन न हो। नमूने में थोड़ी मात्रा में 50% फॉस्फोरिक अम्ल डाला जाता है जो तांबे की छड़ को स्पर्श करने और अपवर्णित क्षेत्र को गीला करने के लिए पर्याप्त होता है। अम्ल की सांद्रता जितनी अधिक होगी, इस्पात उतना ही अधिक परिष्कृत होगा।
Electrochemical corrosion
वैद्युत रासायनिक संक्षारण
जब दो भिन्न धातुएँ या मिश्रातुएँ किसी विद्युत-अपघट्य की उपस्थिति में एक दूसरे के विद्युत-संपर्क में रहती है तो वे गैल्वेनी सेल के इलेक्ट्रोड बनाती हैं। इसमें ऐनोडी इलेक्ट्रोड वाली धातु का उस अवस्था की अपेक्षा अधिक संक्षारण होता है जब धातुओं के बीच कोई संपर्क न हो। इस प्रकार संक्षारण केवल तब होता है जब धातुओं और विलयन से होते हुए विद्युत परिपथ पूर्ण हो जाए। संक्षारण की दर, सेल में उत्पन्न विद्युत वाहक बल पर निर्भर करती है और उस स्थिति में अधिकतम होती है जब धातुएँ विद्युत रासायनिक श्रेणी में एक दूसरे से दूर हों और धातु-आयन विलयन में शीध्र प्रवेश करें। इसे विद्युत अपघटनी संक्षारण भी कहते हैं।
तुलना-- Galvani corrosion