ऐसा सहसंबंध जिसमें एक चर में बढ़ोतरी होने पर दूसरे चर में समान अनुपात में कमी हो, पूर्ण नकारात्मक सहसंबंध होता है। इसका गुणांक -- 1.00 होता है।
Perfect positive correlation
पूर्ण सकारात्मक सहसंबंध
ऐसा सहसंबंध जिसमें एक चर में बढ़ोतरी होने पर दूसरे चर में बढ़ोतरी समान अनुपात में हो। पूर्ण सकारात्मक सहसंबंध + 1.00 होता है।
Personal causation
वैयक्तिक कारणता
अभिप्रेरण के संदर्भ में दे चाम्स द्वारा प्रयुक्त एक संप्रत्यय। इसके अनुसार किसी भी परिवर्तन का मूल कारण व्यक्ति विशेष होता है। किसी व्यक्ति की पहल से ही परिवेश में परिवर्तन आता है।
Personal causation theory
व्यक्ति कार्यकारण सिद्धांत
ऐसी अभिप्रेरणात्मक संकल्पना जिसके अनुसार व्यक्ति अपने क्रिया कलापों के लिए स्वयं को उत्तरदायी मानकर अपने अनुभवों का वर्णन करता है। तदनुसार, व्यक्ति अपने परिवेश में परिवर्तन लाने के उद्देश्य से अपने व्यवहार में परिवर्तन करता है।
Personal construct
वैयक्तिक संरचना
कैली द्वारा विकसित एक संप्रत्यय जिसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति की अपने संसार की एक अपनी धारणा होती है। इस धारणा में सीमित निर्मितियां अथवा वर्ग होते हैं , व्यक्ति जिनका प्रयोग समानता अथवा वैषम्य आधारित तुलना में करता है। घटनाओं का पूर्वानुमान व नियंत्रण भी वह अपनी धारणा के अनुसार ही करता है।
Personalised education
व्यक्ति सापेक्ष शिक्षा
शिक्षा से संबंधित एक संप्रत्यय जिसमें शिक्षा की संरचना इस प्रकार की होनी चाहिए कि वह व्यक्तियों को न केवल समाज में अपनी भूमिका का निर्वाह करने के लिए तैयार करे बल्कि साथ ही उसकी योग्यताओं एवं अभिवृत्तियों का इस प्रकार विकास होता रहे कि वह उत्तरोत्तर शिक्षा के लिए उपयुक्त हो सके।
Personality assessment
व्यक्तित्व निर्धारण
व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों के विश्लेषण तथा मूल्यांकन की एक प्रक्रिया। इसके लिए प्रयुक्त विधियों के कुछ वर्ग हैं -- आत्मनिष्ठ, वस्तुनिष्ठ, प्रक्षेपण, एवं मनोविश्लेषण।
Personality development
व्यक्तित्व विकास
व्यक्ति के जन्म से परिपक्वता तक पहुंचने की समयावधि में उसके व्यक्तित्व की संरचना तथा प्रारूप में होने वाले परिवर्तन जो उसके आंतरिक अपेक्षाओं और सामाजिक समायोजन करने के फलस्वरूप होते हैं।
Personal model
वैयक्तिक प्रतिरूप वर्ग वैयक्तिक मॉडल वर्ग
व्यक्ति उन्मुख तथा आत्मविकास से संबंधित अध्यापन प्रतिरूपों का एक वर्ग। इन में उन प्रक्रियाओं पर बल दिया जाता है जिनके द्वारा व्यक्ति अपनी अनन्य वास्तविकताओं का स्वयं निर्माण तथा संगठन करते हैं। प्रायः ये व्यक्ति के संवेगात्मक जीवन पर केंद्रित होते हैं।
Perspective
परिप्रेक्ष्य
वस्तुओं को उनके सही संबंधों में देखपाने की क्षमता।