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Definitional Dictionary of Metallurgy (English-Hindi)
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Distortion
विरूपण देखिए-- Casting defect के अंतर्गत

Disturbed metal
विक्षुब्ध धातु पेषण और चकासन के दौरान प्रमार्जित पृष्ठ पर बनी अतप्त अभिकृत धातु।

Divorced cementite
परित्यक्त सीमेंटाइट धीरे-धीरे ठंडा किए गए अथवा अवक्रांतिक अनीयन के पश्चात् इस्पातों में विशेषतः सूक्ष्म कणित ऐलुमिनियम हत इस्पातों में छोटे अलग-अलग और लगभग गोलामित कणों के रूप में प्राप्त होने वाला सीमेंटाइट

Divorced pearlite
परित्यक्त पर्लाइट पर्लाइट जिसका सीमेंटाइट, अनीलन द्वारा गोलामित किया गया हो। इसे गोलामित कार्बाइड भी कहते हैं।

Dolomite
डोलोमाइट कैल्सियम मैग्नीशियम कार्बोनेट, Ca, Mg (Co₃)₂। यह द्वि-लवण है जिसमें कार्बोनेट समअणुक अनुपात में होते है। इसके साथ तनु अम्ल क्रिया नहीं करते इस कारण यह कैल्साइट से भिन्न हैं। यह त्रिसमनताक्ष क्रिस्टलों (Rho) के रूप में पाया जाता है। निस्तापित डोलोमाइट का उपयोग क्षारकीय उच्च तापसह पदार्थ के रूप में होता है तथा यह क्षारकीय धातुमलों से क्रिया नहीं करता। कठोरता 3.50--4 आपेक्षिक घनत्व 2.85। इसे बिटर स्पार भी कहते हैं।

Domestic coke
घरेलू कोक देखिए-- Low temperature coke

Doppel duro process
डॉपल डूरो प्रक्रम क्रैक शैफ्ट के पृष्ठ कठोरण की एक विधि। इसमें शैफ्ट को धीरे-धीरे एक खराद में घुमाया जाता है। घूमते समय जर्नल ऑक्सी-ऐसीटिलीन ज्वाला द्वारा गरम होता है जिसका बाद में, ज्वाला के नीचे स्थित पानी के प्रधार से शमन किया जाता है। ज्वालक और पानी के प्रधार के चौड़ाई और जर्नल की चौड़ाई बराबर होती है। यह विधि सस्ती और आसान है तथा इसे एकसमान कठोता उत्पन्न होती है। यह ज्वाला कठोरण का एक उदाहरण है।

Dore bullion
स्वर्णयुक्त बुलिअन अपरिष्कृत चाँदी जिसमें सूक्ष्म मात्रा में सोना उपस्थित रहता है। एक अवशिष्ट मिश्रातु जो विद्युत अपघटनी परिष्करण प्रक्रिया द्वारा अवपंक के क्यूपेलन से प्राप्त होता है। इसे स्वर्णयुक्त धातु भी कहते हैं।

Dore metal
स्वर्णयुक्त धातु देखिए-- Dore bullion

Double annealing
द्वि-अनीलन हाइपोयूटेक्टॉयड इस्पात को Ac₃ से अधिक ताप तक गरम कर शीघ्र Ac₁ से नीचे तक ठंडा कर देना, उसके तुरंत बाद Ac₃ से कुछ अधिक ताप तक फिर गरम कर धीरे-धीरे ठंडा करना। इसका उपयोग बड़े इस्पात संचकों के लिए होता है। प्रारंभिक उच्च ताप क्रिया से संमागता उत्पन्न होती है और यदि सल्फाइड उपस्थित हों तो उनका संलयन (Coalescence) होता है। पहली बार शीघ्र ठंडा करने से स्थूल फेराइट कणों का बनना कम हो जाता है। दूसरी बार गरम करने के बाद ठंडा करने से बारीक कण बनते हैं तथा पदार्थ मुलायम हो जाता है।


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