निक्षेप आक्रमण
किसी विद्युत अपघट्य की उपस्थिति में धातु-पृष्ठ पर बने असतत निक्षेप के नीचे या चारों ओर होने वाला संक्षारण।
Deposition efficiency
निक्षेपण दक्षता
वेल्डिंग H, O में निक्षिप्त धातु के भार का उपभुक्त इलेक्ट्रोडों के कुल भार के साथ अनुपात।
Descaling
विशल्कन
यांत्रिक अथवा रासायनिक विधियों द्वारा किसी धातु-पृष्ठ से पपड़ी और धात्विक ऑक्साइडों को हटाना। यांत्रिक विधियों के अंतर्गत भाप, शल्क-भंजक और छीलने वाले औजार आते हैं जबकि रासायनिक विधियों के अंतर्गत अम्ल विलयनों द्वारा उपचार आदि आते हैं।
देखिए-- Pickling भी
Deseaming
विसीवन
पिंडों अथवा अर्ध तैयार उत्पादों के पृष्ठों में उत्पन्न दोषों को दूर करना। यह क्रिया हथौड़े से छीलकर और आजकल ऑक्सी-गैस ज्वाला द्वारा की जाती है। अतप्त विसीवन में ठंडे इस्पात में सीवन आदि दोषों की जाँच की जाती है जिन्हें ऑक्सीऐसीटिलीन-टार्च से जलाकर दूर किया जाता है। तप्त--विसीवन में गरम इस्पात को एक उपकरण में से गुजारा जाता है। जिसमें चार ऑक्सी-ऐसीटिलीन ज्वालक, इस्पात की छीलन को चारों ओर से पृथक कर देते हैं।
De-silverising
विरजतन
सीसे से चाँदी को पृथक करने की विधि। इसका सिद्धांत और क्रियाविधि विस्वर्णन के समान है।
देखिए-- Degolding भी
Desulphurization
विगंधकन
किसी धातु अथवा अयस्क से गंधक को पृथक करना। सामान्यतया इस शब्द का प्रयोग लोहे में से गंधक को पृथक करने के लिए होता है। सोडा-क्षार (सोडियम कार्बोनेट) की गलित लोहे से क्रिया की जाती है जिसके फलस्वरूप सोडियम सल्फाइड बनता है और कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
इस्पात निर्माण के संदर्भ में इस शब्द का अर्थ उन्नयित ताप पर अपचायी परिवेश में गंधक को पृथक करना है।
Dew point
ओसांक
वह ताप जिस पर हवा में उपस्थित नमी उसे संतृप्त करने के लिए पर्याप्त होती है। हवा की आपेक्षिक आर्द्रता का परिकलन करने के लिए ओसांक मालूम किया जाता है। ओसांक को आर्द्रतामापियों द्वारा ज्ञात किया जाता है।
Dezincing
वियशदन
पार्क्स प्रक्रम द्वारा विरजतीकरण के बाद सीसे के परिष्करण में जस्ते को पृथक करना।
Dezincification
वियशदन
कभी-कभी पीतल या अन्य ताम्र-यशद मिश्रातुओं में पाया जाने वाला एक प्रकार का संक्षारण जिसमें यशद का ह्रास हो जाता है तथा तांबा, स्पंजी और संरध्र बन जाता है। संक्षारण उत्पाद, धात्विक तांबे का संरध्र निक्षेप और क्षारकीय जिंक क्लोराइड जैसे यशद यौगिकों का मिश्रण होता है। विद्युत-अपघट्य में ताबा और यशद दोनों विलीन हो जाते हैं। तत्पश्चात् संक्षारण उत्पादों और पीतल के बीच अभिक्रिया से तांबे का पुनर्निक्षेपण हो जाता है। जिस पीतल में 0.01% से अधिक आर्सेनिक होता है उसका वियशदन नहीं होता है। Mn और Fe वियशदन की गति बढ़ाते हैं जबकि Sn, Ni, Al और Pb उसे रोक देते हैं।