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Paribhasha Kosh (Arthmiti, Janankiki, Ganitiya Arthshastra Aur Aarthik Sankhyiki) (English-Hindi)
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Mortality
मर्त्यता
मर्त्यता अर्थात् मृत्यु एक ऐसा घटक है जिससे जनसंख्या में कमी और उसकी संरचना में परिवर्तन होता है।
मर्त्यता को अशोधित मृत्यु दर, आय विशिष्ट मृत्यु दर अथवा मानंकित मृत्यु दर के रूप में मापा जाता है।
तुल∘ दे∘ death rate

Mortality rate
मर्त्यता दर
प्रति हजार जनसंख्या के संदर्भ में किसी वर्ष में हुई कुल मृत्यओं व मध्यवर्ष की जनसंख्या का अनुपात।
कुल मृत्युएं मृत्यु दर = ----------------------------------------- × 1000 (अशोधित) मध्य वर्ष की जनसंख्या इससे संबंधित सूचना मृत्यु प्रमाणपत्र पंजी के आधार पर बनाई गई सारणियों से ली जाती है।
तुल∘ दे∘ death rate, life table

Multicollinearity
बहुसंरेखता
किसी प्रसंभाव्य समीकरण के स्वतंत्र चरों में यदि परस्पर रैखिक संबंध हो तो ऐसी स्थिति को बहुसंरेखता कहा जाता है।
इस स्थिति का यद्यपि पूर्वानुमान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता तथापि इस प्रभाव के अधीन प्राचलों के आकलों का प्रसरण इतना अधिक होता है कि उनपर विश्वास नहीं किया जा सकता।
अर्थमिति में रैखिक संबंधों की यह एक मूल समस्या है।

Multiple axis chart
बहु अक्षीय चार्ट
बहु अक्षीय चार्ट अनेक वक्रों के उतार-चढ़ाव को दिखाने वाले होते हैं। इनमें प्रत्येक वक्र को अलग-अलग भी स्पष्ट दिखाया जाता है और साथ ही भिन्न-भिन्न वक्रों को पृथक क्षैतिज अक्षों पर भी दिखाया जाता है। इनको स्वैच्छिक आधार पर सुविधाजनक उदग्र रेखाओं द्वारा अलग-अलग रूप से व्यक्त करने की भी परिपाटी है।
इन वक्रों को एक दूसरे के काफी निकट रखा जाता है लेकिन इनमें से कोई एक दूसरे को नहीं काटता। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक संबंधी मासिक आँकड़ों के अध्ययन के लिए इस विधि का बहुधा प्रयोग किया जाता है। ऐसे एक चार्ट का नमूना नीचे दिया जाता है: (DIAGRAM)

Multiple births
बहुजन्म
जब किसी प्रसव में एक से अधिक बच्चों का जन्म हो उस स्थिति को बहुजन्म की स्थिति कहते हैं।
जनसांख्यिकी में ऐसी घटनाओं की अलग से गणना की जाती है क्योंकि यदि यह न की जाये तो कुल जन्म लेने वाले शिशुओं (जीवित अथवा मृत, दोनों ) और प्रसवों की संख्या में अंतर का समाधान नहीं हो पायेगा।

Multiple correlation
बहु सहसंबंध
आश्रित चर पर समूह के अन्य सभी स्वतंत्र चरों के पूर्ण या संयुक्त प्रभाव का पता लगाने के लिये बहुसहसंबंध की संकल्पना का प्रयोग किया जाता है।
बहुसहसंबंध गुणांक निकालने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है:— R 1.23=√([〖1-(1-γ〗^2 12)〖(1-γ〗^2 13.2)]

Multiple valued function
बहुमान फलन यजि () के दो या तीन मान प्राप्त होम तो हम द्वि मान फलन या त्रिमान फलन भी कह सकते हैम उदाहरणार्थ :—
यदि y=f(x) कोई फलन हो तथा x का एक मान रखने पर y के एक से अधिक मान प्राप्त हों तो हम y को x का बहुमान फलन कहेंगे।
यदि y के दो या तीन मान प्राप्त हों तो हम द्वि मान फलन या त्रिमान फलन भी कह सकते हैं उदाहरणार्थ:—
y^2=x+5 में y, x का द्विमान फलन है तथा y^3=x^2+4x+10 में y, x का त्रिमान फलन है। y^n=χ^p+χ^(p-2)+χ^(p-5)+ ……..+c में x तथा p कोई भी संख्याएं, परन्तु n>1 हो तो y, x का बहुमान फलन होता है।

Multistage sampling
बहुचरणी प्रतिचयन
ऐसा प्रतिचयन जिसमें पहले समष्टि को एक चरण की इकाईयों में बाँटा जाता है फिर इनमें से यादृच्छिक प्रतिदर्श चुना जाता है और इस यादृच्छिक प्रतिदर्श के सदस्यों को द्वितीय चरण की इकाईयों में बाँट दिया जाता है।
अगले चरण में इनमें से कुछ इकाइयों को यादृच्छया चुन कर फिर एक प्रतिदर्श की रचना की जाती है।
इसी प्रकार तृतीय व चतुर्थ चरणों में भी वरण किया जा सकता है। इसमें प्रत्येक चरण में यादृच्छिक प्रतिदर्श का वरण किया जाता है।


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