पूर्ण मृदु इस्पात
एक कार्बन इस्पात जिसमें 0.15% तक कार्बन होता है। पूर्णतया अनीलित होने पर इसका आसानी से संविरचन किया जा सकता है। इसका उपयोग सामान्य इंजीनियरी कार्यों में किया जाता है।
Dead roasting
पूर्ण भर्जन
जिंक सल्फाइट (स्फैलेराइट) के भर्जन के संदर्भ में इसे 'स्वीट' भर्जन भी कहते हैं।
देखिए -- Roasting
Dead steel
पूर्णहत इस्पात
देखिए-- Killed steel
Dealuminising
विऐलुमिनन
ऐलुमिनियम-कांस्य मिश्रातुओं में होने वाला एक प्रकार का संक्षारण जिसमें प्रमुखतया ऐलुमिनियम अंश का क्षय होता है। यह क्रिया पीतलों और मैंगनीज कांस्यों में होने वाले 'वियशदन' जैसी है।
Debye-Scherrer method
डेबाई-शेरर विधि
एक्स-किरण क्रिस्टल विश्लेषण की एक विधि जिसमें एकवर्णी अथवा बहुवर्णी एक्स किरण पुंज का प्रयोग किया जाता है। इसमें सूची छिद्र, प्रायः पूरी तरह अनियमित रूप से अभिविन्यस्त होते हैं। फोटोग्राफी फिल्म एक ऐसे बेलन में मुड़ी रहती है जिसका अक्ष, क्रिस्टलीय नमूने पर एक्स किरण पुंज के लंबवत होता है।
Decarburization
बिकार्बुरण
किसी फेरस मिश्राणु की सतह से कार्बन को पृथक करना। इसके लिए फेरस मिश्रातु को ऐसे माध्यम में गरम किया जाता है जो सतह पर कार्बन के साथ क्रिया करता है।
Decopperisation
विताम्रण
सीसे के परिष्करण के लिए प्रयुक्त शब्द जब कि तांबा अशुदि्ध के रूप में विद्यमान हो। यह क्रिया (1) गलनिक पृथक्करण तथा (2) गलित सीसे में गंधक मिला कर कॉपर सल्फाइड का पृथक्करण पर निर्भर करती है।
Decrepitation
चटक भर्जन
गर्म करने पर कुछ खनिजों का व्यवहार जबकि उनके छोट छोटे टुकड़े चटचटाहट की ध्वनि के साथ टूटकर उड़ने लगते हैं। विषमदैशिक क्रिस्टलों की तीन क्रिस्टलीय दिशाओं में भिन्न-भिन्न ताप-प्रसार के कारण ऐसा होता है। यह कुछ कार्बोनेट खनिजों के निस्तापन के समय भी हो सकता है।
Deep drawing
गंभीर कर्षण
एक अतप्त कर्मण प्रक्रम जिसमें धातुओं का पर्याप्त सुघट्य विरूपण हो जाता है। इसमें चादरी धातु या पट्टी का रूपदा द्वारा खोखले बेलनाकार या अन्य वांछित आकार में कर्षण किया जाता है।
Degassing
विगैसन
ठोसों (धातुओं) या द्रवों में से विलीन गैसों को पृथक करना। यह क्रिया निम्नलिखित विधियों द्वारा संपन्न की जाती है।
1. रासायनिक विगैसन (Chemical degassing)-- इसमें पिघली धातु में या तो विऑक्सीकारकों को मिलाया जाता है अथवा हाइड्रोडन गैस के बुलबुलों को प्रविष्ट किया जाता है। ठोस धातु में से गैसों को पृथक करने के लिए उसे हवा की उपस्थिति में अथवा निर्वात में गरम किया जाता है।
2. रेचन (Purging) -- भट्टियों या तापन-पेटियों से हवा अथवा अन्य अवांछित गैसों को पृथक करना। यह क्रिया दीप्त-अनीलन आदि क्रियाओं से पहले की जाती है। भंजित अमोनिया अथवा हाइड्रोजन को इस्तेमाल करने से पहले नाइट्रोजन आदि किसी अक्रिय गैस से उनका रेचन करना आवश्यक होता है। इसे प्रधावन विगैसन भी कहते हैं।
3. निर्वात विगैसन (Vaccum degassing)-- अधिक ताप पर और उच्च निर्वात में धातुओं का संसाधन। उच्च निर्वात से पूर्णतया अक्रिय क्षेत्र बन जाता है और विलीन तथा अवशोषित गैसें निकल जाती है।