विद्यालय प्राधिकारियों द्वारा छात्र की दुर्व्यवहार या असुधार्यता के कारण विद्यालय से निकाला जाना।
extrinsic programming
बाह्य कार्यक्रमण
1. उद्योग में उत्पन्न होने वाली विशेष प्रकार की समस्याओं के लिए एक गणितीय प्रक्रिया जिसके द्वारा कार्यवाही के लिए उत्तम मार्ग चुना जा सकता है। ये वे समस्याएं हैं जिसके उच्चतम और निम्नतम प्रतिबंधों वाले कई चर होते हैं (समय, लागत, प्रयोग की जाने वाली मशीनों की संख्या।)
2. कार्यक्रमण की एक प्रविधि जिसमें प्रत्येक एकांश का सूचना भाग पढ़ लेने के पश्चात छात्र सामग्री पर आधारित उस प्रश्न का सही उत्तर चुन लेता है। उत्तर के केवल दो विकल्प होते है - सही या गलत। वह अगले एकांश पर जाने से पहले जान लेता है कि उसका उत्तर सही है या गलत।
face validity
आभासी वैधता
वह वैधता जिसका संबंध परीक्षण, जो कुछ यथार्थ में मापन करता है, उससे न होकर विषयनिष्ठ मूल्यांकन पर आधारित मापन से होता है।
facilitation
सुविधासेवा, सुकरीकरण, सौकर्य
एक उद्दीपन अनुक्रिया रचना का अन्य उद्दीपन से पुनर्वलन जिससे पहले उद्दीपन के सक्रिय न होने पर भी दूसरे उद्दीपन से उसी तीव्रता से वही अनुक्रिया होती हो।
factorial matrix
कारक-मैट्रिक्स, कारक-आधात्री
वह सारणी जिसमें विभिन्न परीक्षणों में भिन्न कारकों के भार दिए जाते हैं।
factorial validity
कारक वैधता
अन्तर्वस्तु वैधता का अत्यन्त परिष्कृत रूप। किसी परीक्षण द्वारा कुछ अन्तर्वस्तु क्षेत्रों का मापन किस सीमा तक होता है यह निर्धारित करने के लिए कारक विश्लेषण का प्रयोग होता है। कारक विश्लेषण वास्तविक प्राप्तांक प्रसरण को ऐसे उपघटकों में विभाजित करता है जिनका प्रतिनिधित्व कारक भार की आधात्री द्वारा होता है। इसमें यह प्रदर्शित होता है कि प्रत्येक कारक किस सीमा तक उपघटक है।
faculty (staff)
संकाय
अ- विद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय का अध्यापक वर्ग।
आ- विश्वविद्यालय की एक शाखा जैसे कला संकाय, विज्ञान संकाय, विधि संकाय आदि जो उस विषय के प्रशासन और प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी होती है।
facilty of arts
कला संकाय
किसी विश्वविद्यालय के अध्ययन और अध्यापन की वह शाखा जिसका संबंध मानविकी विषयों जैसे इतिहास, दर्शन आदि से हो।
federal grant
संघीय अनुदान
किसी शैक्षिक संस्थान को संघीय सरकार द्वारा धन या सम्पत्ति के रूप में दी गई सहायता।
federative type university
संघात्मक विश्वविद्यालय
ऐसा विश्वविद्यालय जो विभिन्न महाविद्यालयों का संघ हो। इस प्रकार के विश्वविद्यालय में बहुधा पूर्व-स्नातक शिक्षा केद्रित रूप से महाविद्यालयों में होती है और स्नातकोत्तर शिक्षा विश्वविद्यालयों के विभागों में। विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रशासनिक तथा शैक्षणिक समितियों, संकायों आदि में महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालय दोनों के अध्यापकों का प्रतिनिधित्व होता है।