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Paribhasha Kosh (Arthmiti, Janankiki, Ganitiya Arthshastra Aur Aarthik Sankhyiki) (English-Hindi)
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Minor
उपसारणिक
ऐसा आव्यूह जो A₁₁ द्वारा व्यक्त किया जाता है और जिसमें सभी (n - i)! पूर्णांकों के क्रमचयों का संकलन किया जाता है।
इसमें पंक्ति और स्तंभ दोनों का अनुलग्न 1,1 होता है और वे सभी प्राकृतिक क्रम से होते हैं। उपसारणिक का चिन्ह (β, γ,…..μ) द्वारा दर्शाया जाता है।
तुल दे∘ determinant

Mismatch
बेमेल
जब किन्हीं घटनाओं की सूचनाओं को दो विधियों से एकत्रित किया जा रहा हो तब ऐसी स्थिति आ सकती है जब किसी विशेष घटना की सूचनाएं दोनों विधियों में अलग-अलग ढंग से वर्गीकृत कर दी जाएं। इस स्थिति को बेमेल कहते हैं।

Mobile population
चल जनसंख्या
ऐसी जनसंख्या जिसने पिछले दस या पाँच वर्षों में या जनगणना से एक वर्ष पूर्व भिन्न-भिन्न नगरों या स्थानों पर आवास किया हो।
इनमें दो तरह के लोग आते हैं। एक वे जो एक ही जिले या राज्य के अन्दर रहे हों और दुसरे वे जो पड़ोस के अन्य राज्यों से आये हों।
उक्त प्रकार की नियतकालिक गतिशीलता के अतिरिक्त जीवन के प्रारंभ से या पिछले निवास स्थान से भी गतिशीलता मापी जा सकती है। इस प्रकार की गतिशीलता परिवर्तनशील कालावधि की चल जनसंख्या का आकल होती है।

Mode
बहुलक
बहुलक किसी श्रेणी के उस चर का मान होता है जिसकी बारंबारता अधिकतम हो। अर्थात् यह वह पद मान है जो श्रेणी में सबसे अधिक बार घटित होता है।
श्रेणी के दूसरे सब चर-मान बहुलक की तुलना में कम बार घटित होते हैं।
बहुलक सामान्य तथा व्यापक प्रयोग वाला एक प्रतिरूपी मान तथा माध्य है। निरीक्षण मात्र से इसका स्थान निर्धारण किया जा सकता है।
बहुलक चरम विचरणों द्वारा प्रभावित नहीं होता है। यह अमात्रात्मक आँकड़ों के लिए भी उपयुक्त है।

Model
मॉडल
एक प्रकार की समीकरण प्रणाली जिसमें सभी प्राचलों के विशिष्ट संख्यात्मक मान नहीं होते।
तुल∘ दे∘ structural equation

Modulus
मापांक
दे∘ absolute value

Moment
आघूर्ण यहां घात 2 होने के कारण उक्त आघुर्ण द्विधाती आघूर्ण कहलाते है । आघुर्ण प्राचलों से भिन्न होते हैं । ये चरों के परोक्ष मूल्यों से सीधे कलित किए जाते हैं ।
माध्य या अन्य किसी स्थिरांक के सापेक्ष किसी चर के विचलनों के nवें घात के माध्य को उसका nवाँ आघूर्ण कहते हैं। सूत्र रूप में μn=1/N ∑▒〖(yt-y)〗^n प्रथम आघूर्ण माध्य होता है।
माध्य के सापेक्ष द्वितीय आघूर्ण प्रसरण कहलाता है।
आघूर्ण किन्ही दो चरों के विचलनों के अनुप्रस्थ गुणनफल का जोड़ होता है। प्रमुख आघूर्ण समीकरण निम्नलिखित हैं:— myy=1/ T ∑_(t=1)^T▒〖t (yt-y̅)〗^2 myc=1/T ∑_(t=1)^T▒〖(ct-c̅)(yt-y̅)〗
यहाँ घात 2 होने के कारण उक्त आघूर्ण द्विधाती आघूर्ण कहलाते हैं। आघूर्ण प्राचलों से भिन्न होते हैं। ये चरों के परोक्ष मूल्यों से सीधे कलित किए जाते हैं।

Monotonic function
एक दिष्ट फलन
ऐसा फलन जिसका व्युत्पन्न f'(x) हमेशा x से सभी मानो के लिए एक ही जैसा बीजीय चिन्ह (शून्येतर) रखता है।
ऐसे फलन का ढाल सदा ऊपर की ओर होता या फिर सदा नीचे की ओर होता है।
तुल∘ दे∘ derivative function

Monte Carlo studies
मांटे कार्लो अध्ययन
ऐसी सांख्यिकीय अध्ययन विधि जिसमें प्रस्तावित बंटनों से संबंधित विभिन्न प्राचलों के मानों की कल्पना की जाती है और उनसे अनेक प्रतिदर्श प्राप्त किए जाते हैं।
फिर इन प्रतिदर्शों पर विभिन्न आकलन विधियों का प्रयोग करके इन से प्राप्त आकलनों की सही प्राचलों से तुलना की जाती है।
इस विधि से विभिन्न आकलन विधियों की दक्षता का अध्ययन किया जाता है।

Morbidity
रुग्णता
रुग्णता के अन्तर्गत दुर्घटना, घातक बीमारियों महामारियों, चोट, संक्रामक रोगों और जन्मजात रोगों संबंधी आँकड़े इकट्ठे किए जाते हैं।
जनांकिकी और जन स्वास्थ्य संबंधी अध्ययनों के रुग्णता संबंधी आँकड़े विशेष महत्व रखते हैं।


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