वे तत्व जिन से किसी शब्द के पूर्ण अर्थ का बोध देता है। ये तत्व हैं- 'वाच्यार्थ', 'संपृक्तार्थ' और 'अर्थ परास'। देखिए- 'denotation', 'connotation' और 'range of application'।
Composition
रचना
एक से अधिक भाषिक तत्वों से निर्मित भाषिक इकाई।
Compound
समास, समस्त (पद)
दो या दो से अधिक शब्दों के परस्पर जुड़ने से बना हुआ शब्द-रूप जो एक ही शब्द के समान प्रयुक्त होता है। जैसे- राजा (का) + कुमार = राजकुमार।
Concept
संकल्पना
किसी पदार्थ को बार-बार देखकर, (उस पदार्थ की विशेषताओं की अन्य पदार्थों की विशेषताओं से समानता-असमानता के आधार पर) उस पदार्थ के संबंध में निर्मित सामान्य धारणा या मानसिक भाव।
Conceptual Field
संकल्पनात्मक क्षेत्र
किसी संकल्पना (प्रेम, भक्ति, पूजा आदि) से संबंधित क्षेत्र। संस्कृत में रचित कोश 'निघंटु', 'अमरकोश' आदि में प्रविष्टियों का आधार 'संकल्पना क्षेत्र' है, अर्थात् एक संकल्पना से संबंधित शब्दों को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
Concordance
1. अन्विति
वाक्य के विभिन्न अंगों के बीच संगति।
2. उद्धरण अनुक्रमणिका
किसी पुस्तक या लेखक के समस्त शब्दों या अवतरणों की सूची या दर्शिका (index)
Concrete
मूर्त / स्थूल
ज्ञानेद्रिंयों (आँख, कान, आदि) द्वारा परिग्राह्य, (concrete : : abstract)।
Concrete Object
मूर्त पदार्थ / स्थूल पदार्थ
ऐसा पदार्थ जो ज्ञानेद्रियों द्वारा परिग्राह्य हो।
Connotation
संपृक्तार्थ
शब्द के वाच्यार्थ या मुख्यार्थ के अतिरिक्त अन्य अर्थपरक सूचना। उदाहरणार्थ 'मर जाना' और 'देहान्त होना' का मुख्यार्थ (मृत्यु होना) समान है परन्तु 'देहान्त होना' में अधिक शिष्टता है जो कि मुख्यार्थ से अतिरिक्त सूचना है।
Construction
रचना
दो या दो से अधिक घटकों से बनी महत्त्वपूर्ण भाषिक इकाई।