अतप्त बेल्लन
पुनर्क्रिस्टलन ताप से नीचे धातु को बेल्लित करना। प्रायः इस शब्द का प्रयोग उस धातु के लिए किया जाता है जिसे सामान्य ताप पर या उसके आसपास बेल्लित किया जाता है ताकि धातु की मोटाई कम तथा पृष्ठ चिकना बनाया जा सके और तनन-सामर्थ्य बढ़ जाए।
Cold shortness
अतप्त भंगुरता
कुछ धातुओं में पुनर्क्रिस्टलन--ताप से नीचे पाई जाने वाली भंगुरता की अवस्था। लोह धातुओं में अतप्त भंगुरता, फॉस्फोरस के कारण होती है जो Fe₃P के रूप में रहता है अतः ऐसे धातुओं में यह वांछनीय है कि फॉस्फोरस की मात्रा अत्यंत अर्थात् 0.05% ही रहे।
Cold shot
अतप्त रूक्षता
किसी संचक या पिंड के पृष्ठ का वह भाग जो असामयिक ठोस होना दर्शाता है। यह उड़ेलते समय धातु के आस्फाल के कारण होता है।
Cold shut
अतप्त रोध
(1) किसी फोर्जन के पृष्ठ का एक भाग जिसे ऑक्साइड की परत, धातु के मुख्य पिंड से अंशतः पृथक करती है।
देखिए-- Casting defect भी
Cold treatment
शीत उपचार
विमीय अथवा संरचनात्मक स्थायित्व जैसे गुणधर्मों को या वांछित अवस्थाओं को प्राप्त करने के उद्देश्य से धातु को कठोरण के बाद कम ताप तक, प्रायः--73°C के आस-पास, ठंडा करना। इस उपचार के द्वारा आस्टेनाइट का मार्टेन्साइट में परिवर्तन हो जाता है।
Cold welding
अतप्त वेल्डिंग
सामान्य ताप पर ठोस प्रावस्था में वेल्डिंग करना। जिन धातुओं की संरक्षी ऑक्साइड फिल्म नहीं होती (जैसे सोना और प्लेटिनम) तथा जिन धातुओं पर सुघट्य विरूपण द्वारा ऑक्साइड फिल्मों को आसानी से संपिदारित किया जा सकता है (अधिकांश सामान्य धातुएँ) उन्हें एक दूसरे के साथ घन ताड़न द्वारा अथवा बेल्लन द्वारा वेल्डित किया जा सकता है। उदाहरणार्थ सीसा अथवा वंग लेपित इस्पात को सीसे के गलनांक से बहुत कम ताप पर बेल्लन द्वारा जोड़ा जा सकता है। इस प्रकार के वेल्डिंग में केवल दाब प्रयुक्त करने से स्पर्शी सतहों के परमाणु पास-पास आ जाते हैं और वेल्डिंग संभव हो जाता है।
Cold working
अतप्त कर्मण
पुनर्क्रिस्टलन--ताप से नीचे किसी धातु का प्लास्टिक विरूपण जिससे स्थायी विकृति--कठोरण हो जाता है। वास्तव में पुनर्क्रिस्टलन ताप से काफी नीचे धातु का बेल्लन, कर्षण, स्वेजन घनताड़न अथवा वंकन किया जाता है। इसे अतप्त न्यूनन भी कहते हैं।
प्लास्टिक-विरूपण से प्रभ्रंश-घनत्व बहुत बढ़ जाता है और इन प्रभ्रंशो की परस्पर क्रिया से तथा कण-परिसीमा जैसे अवरोधों से प्रमाणक-सामर्थ्य तनन-सामर्थ्य, श्रांति-सामर्थ्य, कठोरता, विद्युतरोध तथा रसायन की क्रिया के फलस्वरूप विलयन-दर बढ़ जाते हैं और तन्यता तथा संघट्ट-सामर्थ्य घट जाते हैं। लोह मिश्रातुओं में प्रत्यास्थ मापांक अप्रभावित रहता है परंतु अलोह मिश्रातुओं में यह 20% तक बढ़ जाता है।
अतप्त कर्मण के प्रभाव को अनीलन से समाप्त किया जा सकता है। अतप्त कर्मण के बाद अनीलन ही एकमात्र विधि है जिससे शुद्ध धातुओं और अनेक ठोस विलयनों के कण--आमाप कम किया जा सकता है।
Collaring
कॉलरन
बेल्लन मिलों में प्रयुक्त एक शब्द। इसका प्रयोग उस प्रवृति को व्यक्त करने के लिए होता है। जिसमें संसाधित हो रही धातु किसी एक बेलन के चारों ओर एकत्रित हो जाती है।
Colour etching
रंग रसोत्कीर्णन
किसी धातु के निश्चित यौगिक की पतली फिल्म के बनने से उत्पन्न सूक्ष्म रसोत्कीर्ण। विषमांगता, फिल्म के स्वभाव और वृद्धि-दर को बदल देती है। फिल्म की मोटाई और अपवर्तनांक भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न होते हैं। परावर्तित प्रकाश से व्यक्तिकरण उत्पन्न होता है जिससे रंग बनते हैं। इस प्रकार रंग में अंतर से विषमांगता का पता लगता हैं।