द्रुतशीतित लोहा
एक प्रकार का ढलवाँ लोहा जिसके कुछ क्षेत्रों में कार्बन संयुक्त रूप में बना रहता है जिसके फलस्वरूप एक श्वेत संरचना दिखाई देती है। यह श्वेत संरचना उन परिस्थितियों के कारण है जिनसे शीतलन इतना बढ़ जाता है कि उन क्षेत्रों में सामान्य ग्रेफाइटीकरण नहीं हो पाता है। इस लोहे का उपयोग मिल के बेल्लनों, कार के पहियों आदि ऐसे हिस्सों को बनाने में होता है जहाँ उच्च घर्षणरोध की आवश्यकता होती है। इस प्रकार के लोहे का पृष्ठ श्वेत तथा कठोर तथा आंतरिक भाग घूसर होता हैं।
Chinese art metal
चीनी कला धातु
तांबे का एक तन्य और मशीननीय मिश्रातु जिसमें 10% जस्ता, 1% वंग और 15 से 20% सीसा होता है। इसका उपयोग अलंकारिक वस्तुओं को बनाने में होता है।
Chinese bronze
चीनी कांसा
कांसा जिसमें 78% तांबा और 22% वंग होता है। इसके उत्तम संचकन गुण होते हैं। इसका उपयोग संगीत वाद्यों में किया जाता है।
Chipping
तष्टन, छीलना
(1) घन और छेनी द्वारा धातु की सिल्लियों के पृष्ठ-दोषों को दूर करने की विधि ताकि अंतिम उत्पाद में वे वेल्लित या फोर्जित न हो।
(2) इस विधि का उपयोग संचकों और फोर्जनों से अवांछित धातु को पृथक करने के लिए भी होता है।
Chisel steel
छेनी इस्पात
इस्पात जिसमें 1--2% क्रोमियम और 0.9% तक कार्बन होता है। यह अत्यंत कठोर और चर्मल होता है। इसका उपयोग अतप्त--छेनी और छिद्रित्रों को बनाने में किया जाता है।
Chloridizing roasting
क्लोराइडी भर्जन
देखिए-- Roasting
Chromadizing
क्रोमैडाइजन
मुख्यतः वायुयान के बाहरी हिस्सों को बनाने में प्रयुक्त ऐलुमिनियम या ऐलुमिनियम मिश्रातुओं की क्रोमिक अम्ल के साथ क्रिया द्वारा उनका अम्लीय पृष्ठ बनाने का प्रक्रम ताकि पृष्ठ पर पेन्ट अच्छी तरह चिपके सके। इस प्रक्रम को क्रोमोडाइजन अथवा क्रोमेटाइजन भी कहते है।
Chromating
क्रोमेटन
देखिए-- Chromadizing
Chrome carburizing
क्रोम कार्बुरण
लोहे या न्यून कार्बन इस्पात पर शीघ्रता से एक कठोर पर्त उत्पन्न करने का प्रक्रम। इसमें वस्तु को उपयुक्त ताप तक गरम कर इसके ऊपर से क्रोमस क्लोराइड या क्रोमिक क्लोराइड और मेथेन, प्रोपेन या ब्यूटेन जैसे किसी उपयुक्त हाइड्रोकार्बन और गैसीय मिश्रण को प्रवाहित किया जाता है।
Chromel
क्रोमेल
तापरोधी मिश्रातुओं की श्रेणी ये मिश्रातु विद्युत तापन ऐलिमेंट के रूप में इस्तेमाल होते हैं। ये उत्तम ऑक्सीकरण प्रतिरोध, उच्चताप सामर्थ्य तथा उच्च वैद्युत-प्रतिरोधिता दर्शाते हैं। कोमेल—A में 80% निकैल और 20% क्रोमियम होता है। 1,090°C ताप तक काम में लाया जा सकता है। इस श्रेणी के अन्य सदस्यों में निकैल और क्रोमियम कम होता है और शेष लोहा होता है। ये कम तापरोधी होते हैं। उनका संघटन इस प्रकार हैं :--
मिश्रातु निकैल क्रोमियम लोहा
क्रोमेल A 80% 20% --
क्रोमेल B 85% 15% --
क्रोमेल C 64% 11% 25
क्रोमेल D 90% 10% -- (तापयुग्मों के लिए प्रयुक्त)