सृजनात्मक विकास
मुख्यतः हेनरी बर्गसाँ द्वारा प्रतिपादित वह मत कि विकास के नए-नए स्तरों पर ऐसे नवीन तत्वों का उदय होता है जिनकी पिछले स्तरों के तत्वों के आधार पर व्याख्या नहीं की जा सकती।
Creative Intelligence
सृजनात्मक बुद्धि
वह बुद्धि जो विकास क्रम में नवीन उपायों की सृष्टि करती है।
Creative Morality
सृजनात्मक नैतिकता
वह नैतिकता जो परम्परागत मानकों का अनुसरण मात्र न करके नवीन नैतिक मानकों की सृष्टि करती है।
Creative Theory Of Perception
प्रत्यक्ष का सृजनात्मक सिद्धांत
वह सिद्धांत जिसके अनुसार प्रत्यक्ष में इन्द्रिय-प्रदत्तों का केवल प्रत्यक्ष ही नहीं होता अपितु उनके विषयों का सृजन भी होता है, अर्थात् प्रत्यक्ष से स्वतंत्र किसी वस्तु की कल्पना नहीं की जा सकती। बर्कले का `सत्ता-दृश्यता है` का सिद्धांत एवं योगाचार बौद्ध-दर्शन का विज्ञानवाद इसके उत्तम उदाहरण हैं।
Criminal Justice
आपराधिक-दंड-न्याय
अपराध क्षेत्र में दंड संबंधी न्याय।
Criteriology
ज्ञान-निकष-मीमांसा
ज्ञान की प्रामाणिकता के उचित मानदंडों या कसौटियों के निर्धारण से संबंधित अध्ययन।
Criterion
निकष, कसौटी
ज्ञान-मूल्य और सत् की प्रामाणिकता के निर्धारक सिद्धांत।
Critical Judgement
समीक्षात्मक निर्णय
तथ्यपरक निर्णय से भिन्न ऐसे निर्णय जो पदार्थ का मूल्यात्मक विवेचन करते हैं।
Critical Monism
समीक्षात्मक एकतत्त्ववाद
तत्त्व-मीमांसा, ज्ञान-मीमांसा या मूल्य-मीमांसा के क्षेत्र में वह सिद्धांत जिसके अनुसार परम तत्त्व अनेक न होकर एक अद्वैत तत्त्व है।
Critical Personalism
समीक्षात्मक व्यक्तिवाद
विलियम स्टर्न का मत जिसके अनुसार परमसत् व्यक्तित्त्वपूर्ण जीवन्त सत्ता है।