किसी व्यक्ति के बारे में कोई भी जानकारी पाने के लिए तैयार की गई प्रश्नावली।
Personality
व्यक्तित्व
व्यक्ति के समग्र व्यवहार एवं विचार की विशिष्टताओं के निर्धारित करने वाला उसका मनः शारीरिक संगठन। इसके अन्तर्गत बुद्धि, स्वभाव, कुशलता, नैतिकता एवं मनोवृत्तियां आदि आती हैं।
Personality disorder
व्यक्तित्व विकार
अ-व्यवहार संबंधी ऐसे दोष जो मुख्यतः व्यक्ति के अभिप्रेरणात्मक और सामाजिक कुसमायोजन में प्रकट होते हैं पर सांवेगिक या बौद्धिक क्षेत्र में नहीं।
ब-व्यक्तित्व संरचना का विकृत विकास जिसमें दुश्चिंता या तो बिल्कुल नहीं होती या बहुत कम होती है और मनस्ताप या तंत्रिकाताप बिल्कुल नहीं होते।
Personality disorganization
व्यक्तित्व विघटन
अभिप्रेरकों और अन्य गत्यात्मक प्रवृत्तियों का परस्पर विच्छिन्न होकर असंतुलन और असमंजन की ऐसी दशा उत्पन्न करना कि व्यक्ति की सारी प्रवृत्तियाँ परस्पर विरोधी दिशा में क्रियाशील होने लगें और आंतरिक संघर्ष की विषम स्थिति आ जाए।
Personality inventory
व्यक्तित्व सूची
ऐसी जांच सूची जिसे कोई व्यक्ति स्वयं भरता है। इस सूची में व्यक्तिगत विशेषताओं से संबंधित कुछ अभिकथन होते हैं और व्यक्ति को यह भरना पड़ता है कि उनमें से कौन से उस पर लागू होते हैं और कौन से नहीं, या ऐसे प्रश्न होते हैं जिनका जबाब ‘हां’, ‘ना’, या ‘संदिग्ध’ कहकर देना पड़ता है।
Personality reorganization
व्यक्तित्व पुनर्गठन
व्यक्ति के मूल्यों तथा क्रियाओं में मूलभूत परिवर्तन होना।
Personality style
व्यक्तित्व शैली
कुछ विशिष्ट प्रेरक-पेशीय या गति संबंधी अनुक्रियाएं करने की सामान्यीकृत प्रवृत्ति या प्रवणता।
Personality trait
व्यक्तित्व विशेषक
व्यक्ति की संवेगात्मक तथा सामाजिक व्यवहार संबंधी चिरस्थायी स्ववृत्ति या विशेषता जो उसके व्यवहार की समरूपता में परिलक्षित होती है।
Personality type
व्यक्तित्व प्ररूप
व्यक्ति के व्यवहार की विशिष्ट प्रवृत्तियों और उसके व्यवहार के सामान्य तौर-तरीकों के आधार पर उसका उपयुक्त वर्गीकरण। यह एक प्रकार का औसत होता है क्योंकि किसी समूह के अधिकांश सदस्यों की सर्वनिष्ठ विशेषताओं के आधार पर ही किसी व्यक्ति को किसी वर्ग या समूह का प्ररूप माना जाता है।
Personnel management
कार्मिक प्रबंध
किसी सामाजिक अभिकरण या उद्योग प्रतिष्ठान के प्रबंध तंत्र का वह अंग या भाग जिसका सम्बंध कर्मचारियों या कार्मिकों के सेवायोजन, उत्पादन वृद्धि तथा कल्याण-कार्य को उन्नत बनाकर प्रशासन के मानवीय पक्ष को सुदृढ़ बनाना है। कार्मिक प्रशासन की मुख्य क्रियाएं कर्मचारी प्रतिचयन, नियुक्ति, प्रशिक्षण, कार्य आवंटन, पदोन्नति, स्थानान्तरण, अवकाश, सेवानिवृत्ति, वेतन तथा अन्य आर्थिक लाभ आदि हैं।