उपनिगमन, उपप्रमेय
किसी निगमन का आधारवाक्यों से सिद्ध होने वाला एक अतिरिक्त निगमन; अथवा किसी प्रमेय से स्वाभाविक रूप से निगमित होने वाली कोई ऐसी प्रतिज्ञप्ति जो इसती स्पष्ट हो कि उसे अलग से सिद्ध करने की आवश्यकता न हो।
Corrective Justice
सुधारक न्याय
किसी समुदाय के व्यक्तियों द्वारा पारस्परिक व्यवहार में हुई भूलों या दोषों के निवारण में प्रकट होने वाला न्याय।
Cosmocentric View
विश्वकेन्द्रित मत
मनुष्य को सृष्टि का केंद्र माननेवाले मत के विपरीत वह मत कि मनुष्य तो विश्व के विकास में आनुषंगिक रूप से पैदा होने वाली एक तुच्छ वस्तु है।
Cosmogony
सृष्टिमीमांसा
ब्रह्मांड की उत्पत्ति एवं विकास से संबंधित अध्ययन, जो वैज्ञानिक हो सकता है, दार्शनिक हो सकता हैं और निरा कल्पनात्मक भी हो सकता हैं, जैसा कि पुराणों और लोककथाओं में बहुधा पाया जाता है।
Cosmological Argument
विश्व-कारण-युक्ति
विश्व के अस्तित्व के आधार पर ईश्वर के अस्तित्व को प्रमाणित करने के लिये दी जाने वाली युक्ति : विश्व में प्रत्येक वस्तु का कोई कारण है; कारणों की इस श्रृंखला के पीछे अवश्य ही एक ऐसा आदिकारण है जिसका कोई अन्य कारण नहीं है; यही आदिकारण ईश्वर है।
Cosmology
ब्रह्मांडिकी, ब्रह्मांडमीमांसा
दर्शन की वह शाखा जो ब्रह्माण्ड की प्रकृति एवं रचना का अध्ययन करती है।
Cosmos
विश्व, विश्वव्यवस्था
एक व्यवस्थित तंत्र के रूप में कल्पित विश्व।
Counter-Analogy
प्रतिसाम्यानुमान
साम्य पर आधारित वह युक्ति जो साम्य पर ही आधारित एक अन्य युक्ति का विरोध करने के लिये प्रस्तुत की जाय।
Counter-Applicative
प्रत्यानुप्रायोगिक
किसी विशिष्ट दृष्टान्त के आधार पर सामान्य के विषय में निष्कर्ष निर्गत करना।
Counter-Argument
प्रतियुक्ति
वह युक्ति जो किसी अन्य युक्ति के विरोध में प्रस्तुत की जाय।
उदाहरण : पार्मेनाइडीज का सिद्धांत 'परम सत् शास्वत है' की प्रतियुक्ति हेरेक्लाइटस की यह युक्ति कि 'परम सत सतत् परिवर्तनशील हैं'।