अपने या दूसरों के व्यवहार व आचरण में वांछित परिवर्तन लाने में सहायक विज्ञान जिसमें अभीष्ट आचरण की दिशा में व्यक्ति की कार्य साधकता को प्रभावित करने वाली समस्त भौतिक, दैहिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दशाओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए मनोवैज्ञानिक तथ्यों, सिद्धांतों और प्रविधियों का उपयोग किया जाता है।
Appraisal
मूल्यांकन
संवेग के संज्ञानात्मक मूल्यांकन सिद्धांत के अंतर्गत महसूस किया जाने वाला संवेग उन सूचनाओं के आकलन पर निर्भर करता है जो स्मृति, शरीर एवं पर्यावरण पर आधारित होती हैं।
Approach-approach confict
उपागम-उपागम द्वंद्व
दो समान रूप से आकर्षी एवं अनुकूल, किंतु परस्पर विरोधी प्रतीत होने वाले लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक साथ अभिप्रेरित होने की स्थिति से उत्पन्न द्वंद्व, जैसे यदि कोई व्यक्ति एक ही रात को किसी नृत्य पार्टी और गोष्ठी दोनों ही में जाने के लिए उत्सुक हो तो उनमें से एक को अवश्य छोड़ना होगा या फिर द्वंद्व में फंसा रहना होगा।
Approach-avoidance conflict
उपागम-परिहार द्वंद्व
किसी एक ही वस्तु या व्यक्ति के प्रति व्यक्ति के मन में एक साथ होने वाली परस्पर विरोधी सांवेगिक अनुभूति। एक ही वस्तु के प्रति स्वीकारात्मक एवं अस्वीकारात्मक वृत्तिजन्य द्वंद्व के कारण व्यक्ति उस चीज को पाना भी चाहता हैं किंतु किन्हीं सामाजिक या वैयक्तिक कारणों से उनसे दूर भी रहना चाहता है। इस प्रकार वह असमाधेय द्वंद्वपूर्ण स्थिति में फंसा रहता है।
Approximation conditioning
सन्निकटन अनुकूलन
एक प्रकार की प्रायोगिक कार्यविधि जिसमें पात्र को सीखने योग्य किसी अभीष्ट कार्य से उत्तरोत्तर ज्यादा मिलते-जुलते किन्हीं अन्य कार्यों को सीख लेने पर पुरस्कृत करते रहने का क्रम तब तक जारी रखा जाता है जब तक कि वह उस अभीष्ट कार्य को पूरी तरह न सीख ले। इस प्रकार उसे किसी उद्दीपन विशेष के प्रति असाधारण अनुक्रिया करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
Appurtenance
अन्योन्य-प्रभाविता
किसी अवयवी (पूर्णक्षेत्र) के विभिन्न अवयवों के एक के दूसरे को प्रभावित करने का गुणधर्म, जैसे वर्णवैषम्य में दो रंगों का एक दूसरे पर पड़ने वाला प्रभाव।
Apraxia
चेष्टा-अक्षमता
प्रमस्तिष्कक्षतिजन्य गतिसंबंधी स्मृति-विकार जिसमें व्यक्ति वल्कुट में चोट लगने के कारण अंगघात या किसी ऐंद्रिय विकार के अभाव में भी ऐसी सार्थक सोद्देश्य एवं समन्वित गतियां नहीं कर पाता जिन्हें करना एक प्रकार से उसकी आदत बन गयी होती है, जैसे वह कार चलाना जानते हुए भी कार नहीं चला पाता या अपने चिर-परिचित और चिर-अभ्यस्त खेलों को भी नहीं खेल पाता।
Aprosexia
अत्यनवधानता
किसी वस्तु या विषय की ओर लगातार स्थिर रूप से ध्यान जाने में असमर्थता।
Apselaphesia
स्पर्शअपविन्यास
स्पर्शसंवेदन के अव्यवस्थित एवं विकृत हो जाने की स्थिति।