निस्तापन
एक तापीय अपघटन प्रक्रम जिसमें किसी अयस्क, खनिज, शैल, तथा उच्चतापसह पदार्थों आदि से जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड तथा सल्फर डाइऑक्साइड आदि वाष्पशील घटकों को पृथक किया जाता है। इस प्रक्रम की विशेषता यह है कि इसमें धान अथवा उत्पाद को संगलित नहीं होने दिया जाता, जबकि भर्जन में ठोस और गैस की अभिक्रिया होती है।
रासायनिक दृष्टि से --
S₁ = S₂ + G (निस्तापन)
S₁ +G = S₂ + G₂ (भर्जन)
जबकि S कोई ठोस और G कोई गैस है।
Calcine
निस्ताप
किसी शैल, अयस्क, खनिज एवं उच्चतापसह पदार्थों के निस्तापन के फलस्वरूप प्राप्त उत्पाद। कभी कभी भर्जित संहति को भी निस्ताप कहते हैं यद्यपि यह उचित प्रयोग नहीं है।
Calcite
कैल्साइट
कैल्सियम कार्बेनेट की प्राकृतिक किस्म जो षट्कोणीय समुदाय में क्रिस्टलित होती है। पूर्णतया पारदर्शी कैल्साइट को आइसलैंड स्पार कहते हैं। द्विअपवर्ती होने के कारण इसका उपयोग प्रकाशिक यंत्रों में प्रकाश-ध्रुवण के लिए होता है। कठोरता 3, आपेक्षिक घनत्व 2.7। कभी कभी यह चूने के पत्थर के स्थान पर गालक के रूप में भी होता है।
Calloy
कैलॉय
ऐलुमिनियम और कैल्सियम का मिश्रातु जिसमें 10--25% कैल्सियम होता है। इसका उपयोग इस्पात निर्माण में विऑक्सीकारक के रूप में होता है।
Calmalloy
कैल्मेलॉय
एक निकेल-मिश्रातु जिसमें 69% निकैल, 29% तांबा और 2% लोहा होता है। इसका (0.100°C के बीच) उच्च चुंबकीय ताप गुणांक होता है। इसका उपयोग विद्युत यंत्रों में ताप प्रतिकार के लिए किया जाता है।
Calmet
कैल्मेट
एक ऑक्सीकरणरोधी इस्पात जिसमें 12% निकैल, 25% कोबाल्ट, 5% ऐलुमिनियम और शेष लोहा होता है। यह गंधक युक्त वायुमंडल रोधी भी होता है। इसका उपयोग 1050°C तक प्रयुक्त होने वाले भ्राष्ट्र घटकों के निर्माण में होता है।
Calomel
कैलोमल
मर्क्यूरस क्लोराइड। यह खनिज हार्न क्विक सिल्वर के रूप में पाया जाता है और विषमलंबाध प्रिज्मों में क्रिस्टलित होता है। इसका रंग भूरा या धूसर होता है और बहुधा खनिज सिनाबार के साथ संयुक्त रहता है। कठोरता 1-2, आपेक्षिक घनत्व 6.48।
Calorizing
कैलोराइजन
950°C ताप तक मृदु और न्यून-मिश्रातु इस्पातों के ऑक्सीकरण प्रतिरोध को बढ़ाने की विधि। इसमें वस्तुओं पर ऐलुमिनियम चूर्ण का लेप कर उन्हें 1000°C तक गरम किया जाता है जिससे वस्तु के ऊपर ऐलुमिना का लेप जमा हो जाता है। यह लेप इस्पात के ऊपर लो-ऐलुमिनियम मिश्रातु की परत द्वारा जुड़ा रहता है।
Campbell process
कैंपबेल प्रक्रम
क्षारकीय ओपनहार्थ प्रक्रम की संशोधित विधि। इसमें नत भ्राष्ट्र में कच्चे लोहे और अपशिषट के घान को कम ताप पर पिघलाया जाता है। इससे फॉस्फोरस और सिलिकन प्रायः निकल जाते हैं। साथ ही कुछ मैंगनीज और गंधक भी अलग हो जाते हैं किंतु कार्बन की मात्रा कम नहीं होती है। इस्पात को एक लैडल से निकालकर उसे धातुमल से पृथक कर लिया जाता है। अंत में उसे अम्लीय ओपनहार्थ भट्टी में डालकर अम्ल-धातुमल के साथ ठंडा किया जाता है।