क़र्ज लेनेवाले पक्ष की उसे समय पर लौटा सकने की सामर्थ्य। सामान्य रीति यह है कि उधारदाता कर्ज़ देने से पहले कर्ज़दार की वित्तीय क्षमता के बारे में उसके बैंक या किसी अन्य परामर्शदायी एजेन्सी से पूछताछ करता है।
Creeping inflation
मंद स्फीति, मंथर स्फीति
सामान्य क़ीमत-स्तर में मामूली दर से किंतु लागातार होने वाली वृद्धि। यह अर्थव्यवस्था को रोज़गार के उच्च स्तर पर पहुँचाने में मदद करती है। कुछ अर्थशास्त्री इस स्थिति को वांछनीय मानते हुए ऐसी नीतियों को अपनाने की सलाह देते हैं जिनसे मामूली दर पर क़ीमत-वृद्धि होती रहे।
Crossed cheque
रेखित चैक, बैंकजोग चैक
ऐसा चैक जिसकी अदायगी धारक को काउन्टर पर न करके किसी बैंक की मार्फ़त की जाती है।
Crossing
रेखन
रेखन' अदाकर्ता-बैंक को इस बात का निदेश है कि चैक का भुगतान किसी बैंक या निर्दिष्ट बैंक की मार्फ़त ही किया जाए- अदायगी-पटल पर चैक के धारक को नही;
रेखन' प्रायः चैक के ऊपर दो तिरछी समानांतर रेखाएँ खींचकर किया जाता है।
Cum dividend
लाभांश सहित
किसी प्रतिभूति की क़ीमत में उस पर प्राप्त होने वाले अगले लाभांश को भी शामिल करना। इस प्रकार व्यक्त की गई क़ीमत वाली प्रतिभूति के ख़रीदार को उस पर मिलने वाले लाभांश को लेने का हक़ होता है भले ही उसके द्वारा प्रतिभूति ख़रीदे जाने के कुछ ही दिन बाद लाभांश घोषित होने वाला हो।
तुल. दे. ex dividend
Cum rights
अधिकार सहित
शेयर बाज़ार की अभिव्यक्ति जिसके अनुसार किसी कंपनी के शेयर बेचते समय विक्रेता उसके नए शेयरों में अनुपातिक अभिदान का अधिकार भी क्रेता को दे देता है।
तुल. दे. ex rights
Cumulative dividend
संचयी लाभांश
अधिमान्य शेयरों पर दिया गया ऐसा लाभांश जो पर्याप्त लाभ के प्रभाव में नियमानुसार वार्षिक या आवधिक रूप से न दिया जा सके तो अगली बार बक़ाया राशि के रूप में देय होगा और इसकी अदायगी साधारण शेयरों पर लाभांश देने से पहले करनी होगी।
Cumulative preference share
संचयी अधिमान शेयर
वे शेयर जिनका नियत लाभांश पर्याप्त लाभ न होने के कारण किसी एक साल न अदा किया जा सके तो अगली साल बक़ाया के रूप में देय होता है और उसकी अदायगी साधारण शेयरों पर कोई लाभांश देने से पहले करनी ज़रूरी होती है।
Cumulative time deposit scheme
संचयी सावधि जमा-योजना
ऐसी जमा-योजना जिसके अंतर्गत एक नियत राशि निश्चित अंतरालों पर नियमित रूप से जमा कराई जाती है। योजना की अवधि पूरी होने पर कुल जमा-राशि तथा ब्याज जमाकर्ता को लौटा दी जाती है। सामान्य जनता को बचत करने की प्रेरणा देने के लिए इस पर बचत-खाते की ब्याज-दर के मुक़ाबले ऊँची दर पर ब्याज दी जाती है। डाकघरों में इस योजना के अंतर्गत जमा की गई रक़म पर आयकर से भी छूट मिलती हे।