पिघली धातु के प्रवाह के फलस्वरूप साँचा या क्रोड पृष्ठ में होने वाले कटाव के कारण ढलाई पर बने छोटे - छोटे अनियमित उभार, जो ढलाई - दोष के अन्तर्गत आते हैं।
Scheduling
अनुसूचन
किसी कार्य के सभी चरणों का समय मूलक क्रम निर्धारण।
Sea coal
कोलचूर्ण
संचक - बालू में मिलाये जाने वाले कोयले का महीन चूरा।
Sectionalized busbar
विभागीकृत बसबार
विद्युत रोधकों या परिपथ - वियोजकों और विलगकों की सहायता से अनुभागों मे विपाटित बसबार। अन्तर्गम और बहिर्गम परिपथों को दो अनुभागों मे सम्मिलित किया जा सकता है ताकि बसबार के एक अनुभाग के बंद हो जाने के समय सप्लाई बनी रहे।
Seeback effect
जैबेक प्रभाव
ताप-विद्युत प्रभाव। यदि दो (या अधिक) भिन्न धातुक चालकों का एक बंद विद्युत परिपथ बनाया जाय और भिन्न धातुओं के मध्य जंक्शनों को भिन्न तापमानों पर रखा जाय, तो विद्युत धारा परिपथ में प्रवाहित होगी। तापीय विद्युतवाहक बल, जोकि प्रयुक्त धातु और जंक्शन ताप दोनों पर निर्भर करता है, उत्पन्न होगा। इस प्रभाव का उपयोग तापयुग्मकों में ताप रूपान्तरण और तापक्रम—सूचन हेतु किया जाता है।
Selenium rectifier
सेलेनियम दिष्टकारी
इसे धातु दिष्टकारी भी कहते हैं इसमें सेल का आधार इस्पात या एलुमिनियम की प्लेट होती है। इस प्लेट पर सेलेनियम की पतली परत का लेप चढ़ा दिया जाता है। लेप चढ़ी प्लेटों का ऊष्मा उपचार किया जाता है और इसके पश्चात इसे सामान्यतः कैडमियम एलॉय की पतली परत से ढक दिया जाता है। कैडमियम धातु सर्वोत्तम दिष्टकरण अनुपात प्रदान करती है। सैटों के बन जाने के पश्चात उनमें विद्युत धारा विपरीत दिशा में प्रवाहित करके कार्यशील बनाया जाता है।
Self excitation
स्वतः उत्तेजन
विद्युत-चुम्बकीय मशीन में किसी बाहरी विद्युत स्त्रोत के बिना स्वतः ही कार्यकारी फ्लक्स की उत्पत्ति के लिए विद्युत धारा प्रवाहित करना।
Self starting synchronous motor
स्वतः प्रवर्ती तुल्यकाली मोटर
एक तुल्यकाली मोटर। इसके ध्रुव - फलकों में लघुपथित - कुण्डली लगी होती है जिसके कारण यह प्रेरण - मोटर के समान प्रवर्तित होती है। जब इसकी चाल तुल्यकाली गति के निकट पहुँचाती है तो दिष्टधारा उत्तेजन की सहायता से इसे तुल्यकालिता में लाया जाता है।
Self - induced vibration
स्वतः प्रेरित कंपन/स्व प्रणोदित कंपन
1. स्वतः प्रेरित कम्पन यांत्रिक तन्त्र में अदोलक उत्तेजन के दोलक उत्तेजन में परिवर्तित होने के फलस्वरूप उत्पन्न कम्पन।
2. कर्तन के समय स्वतः जन्य आवर्ती बलों से उत्पन्न कम्पन