पाई (π) गुणा का संकेत है जैसे x_1,x_2,……x_n को यदि गुणा करना हो, तो हम इसे यों लिख सकते हैं :—
π^n x^i
i=1
इस संकेत के नीचे i=1 गुणा के पहले पद का द्योतक है और ऊपर का n अंतिम पद का।
गुणा के अर्थ में पाई अक्षर अपने बड़े (Capital) रूप में लिखा जाता है। छोटे रूप (π) में यह किसी वृत्त की परिधि और व्यास के अनुपात को प्रदशित करता है, अर्थात π=22/7
Pie diagram
वृत्तआरेख
भिन्न-भिन्न आँकड़ों या अनुपातों को दर्शाने लिए एक वृत्त के अंशों या भागों के रूप में बाँट कर दिखाया गया चित्र।
वृत्त आरेख के अंदर अनुपातों के परस्पर संबंध को प्रदर्शित करने वाले आँकड़े लिख दिए जाते हैं। ऐसे आरेख को प्रभावी बनाने के लिए वृत्त के भागों में अलग-अलग रंग भी भर दिए जाते हैं।
सरकारी व्यय, राजस्व, करों के प्रभाव आदि को दिखाने लिए वृत्त आरेखों की विधि का सांख्यिकीविदों द्वारा बहुधा प्रयोग किया जाता है।
वृत्ताकार आरेख बनाने के लिए वर्गमूलों को त्रिज्या मानकर वृत्तों की रचना की जाती है। इसके लिए सब वृत्तों के केन्द्र एक ही सरल रेखा में होने चाहिए और वृत्तों के बीच एक जैसा खाली स्थान रखना चाहिए।
इसके नमूने का एक चित्र नीचे दिया जाता है:—
(DIAGRAM)
Pilot survey
मार्गदर्शी सर्वेक्षण
ऐसा सर्वेक्षण जो मूलतः किसी बड़े पैमाने या बृहत सर्वेक्षण की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से छोटे स्तर पर चुने गए नमूने या क्षेत्रीय आधार पर सूचना एकत्रित करने के लिए किया जाता है।
इस विधि का उपयोग किसी वृहत योजना की उपयुक्तता की जाँच करने या प्रतिचयन की इकाई का प्रभावकारी परिणाम आदि जानने के लिए किया जाता है।
Pin map
पिन मानचित्र
इस प्रकार के चित्र गत्ते पर या कार्क पर बनाये जाते हैं और इनमें भरी जाने वाली सूचना पिनों के निशानों द्वारा दी जाती है। इन पिनों के सिर शीशे के या रंग-बिरंगे तथा भिन्न-भिन्न आकार के होते हैं। जैसे ही आँकड़ों में कोई फेर-बदल होता हैं, इनमें नई पिनें लगा दी जाती हैं या पिनों का आकार बदल दिया जाता है।
गतिशील या परिवर्तनशील सांख्यिकी घटनाक्रम को प्रदर्शित करने के लिए इस मानचित्र विधि का मुख्यालयों में आमतौर पर प्रयोग किया जाता है।
Point data
समय बिंदु आँकड़े
यह ऐसे आँकड़ो का वर्ग होता है जो सप्ताह के किसी दिन, किसी तारीख या वर्ष की किसी तिमाही, छमाही आदि किसी विशेष समय के लिए सूचना देता है।
इनके अंतर्गत माल की तालिकाओं, स्टॉक के मूल्य, भाव या दामों आदि आर्थिक तथ्यों का उल्लेख किया जाता है।
इन आँकड़ों के समय को क्षैतिज अक्ष पर दिखाया जाता है और आर्थिक जिन्स को उदग्र अक्ष पर।
Point of inflexion
नति परिवर्तन बिन्दु
ऐसा बिन्दु जिस पर स्पर्श रेखा का ढाल न तो बढ़ता और न घटता है। इस बिन्दु पर फलन स्थिर होता है परन्तु उसका कोई चरम मान नहीं होता।
चरम बिंदु किसी फलन या संबंध को दर्शाने वाले ऐसे स्थल होते हैं जहाँ पर फलन का मान तो प्राप्त हो जाता है किन्तु वह उच्चतम या न्यूनतम की शर्त को पूरा नहीं करता।
Poisson's distribution
प्वासों बंटन
प्वासों बंटन द्विपद बंटन का एक विशिष्ट रूप है।
जब n काफी अधिक हो और np=m एक स्थिरांक हो अर्थात अभिप्रयोगों की संख्या बहुत अधिक हो और सफलता की प्रायिकता अति अल्प हो, तो n के अपरिमित होने पर द्विपद बंटन, प्वासों बंटन का रूप ग्रहण कर लेता है।
इस बंटन में समस्त संभावनाओं की प्रायिकता
(FORMULA) से प्रदर्शित की जा सकती है।
प्वासों बंटन का माध्य और प्रसरण दोनों m के बराबर होते हैं।
Polynomial function
बहुपद फलन
एक प्रकार का विकृत असतत फलन जिसमें अनेक पद होते हैं तथा जिसका निम्न रूप होता है:--
y=a_0+a_1 x+a_2 x^(2 )+⋯…..a_n x^n
Population (universe)
समष्टि
सांख्यिकी में समष्टि की संकल्पना का तात्पर्य एक ऐसा समुच्चय है जिसमें वस्तुतः अलग-अलग इकाइयाँ, वस्तुएं संख्याएं अथवा घटनाएं सम्मिलित हो सकती हैं।
समष्टियाँ कई प्रकार की हो सकती हैं। आर्थिक समष्टियों में प्रमुखतया उपभोक्ता द्वारा खर्च की गई इकाइयाँ, राष्ट्रीय आय के वार्षिक आँकड़े अथवा वर्षवार जनसंख्या में घट-बढ़ आदि आती है।
एक समष्टि के अंतर्गत संख्याएं निर्धारित प्रायिकता के आधार पर बंटित होती हैं और उन्हें एक फलन के रूप में व्यक्त किया जा सकता है तथा उनके लिए अनेक स्थिर प्राचल नियत किए जा सकते हैं।
कोई समष्टि परिमित अथवा अपरिमित हो सकती है ।
कोई समष्टि परिमित अथवा अपरिमित हो सकती है।
Population analysis
जनसंख्या विश्लेषण
जनसंख्या विश्लेषण के अन्तर्गत हम जनसंख्या की मुख्य प्रवृत्तियों जैसे आयु संरचना, वैवाहिक स्थिति, शैक्षणिक योग्यता तथा व्यावसायिक संरचना आदि का क्रमबद्ध अध्ययन करते हैं।
यह अध्ययन समाजिक विज्ञानों जैसे समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र आदि की संगति में किया जाता है और इसके अन्तर्गत यह देखने का प्रयत्न किया जाता है कि इन प्रवृत्तिय़ों का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टियों से क्या प्रभाव पड़ेगा और इन समस्याओं का हल कैसे ढूँढा जाना चाहिए।
इस विश्लेषण की प्रमुख विशेषता जनसंख्या संबंधी आँकड़ों और प्रवृत्तियों का निर्वचन और समस्याओं का निदान और हल प्रस्तुत करना है।