शुद्ध तर्कबुद्धि प्रत्यय
कांट के दर्शन में, आत्मा, ईश्वर और विश्व से संबंधित प्रत्यय, जो शुद्ध तर्कबुद्धि के लिए नियामक हैं पर जिन्हें व्यावहारिक तर्कबुद्धि वास्तविक मानकर चलती है।
Ideatum
प्रत्यय-प्रदत्त
प्रत्यय की विषय वस्तु अथवा वह जिसका प्रतिनिधित्व मन में प्रत्यय करता है। इसका निर्देश वस्तुतः अस्तित्त्ववान वस्तु से भी है, जो चेतना में प्रत्ययों के अनुरूप होती है।
Identity-In-Difference
भेद में अभेद
सत्ता-शास्त्र की वह अवधारणा जिसके अनुसार नानात्व में अभेद या एकतत्व मान्य है।
Identity Philosophy
तादात्म्य-दर्शन, अभेद दर्शन
1. सामान्यतः वह सिद्धांत जो तात्त्विक दृष्टि से चित् और अचित् में भेद नहीं मानता।
2. ज्ञानमीमांसीय दृष्टि से ज्ञाता और ज्ञेय में अंतर नहीं स्वीकार करता है। विशेषतः शेलिंग के दर्शन के लिए प्रयुक्त, जो प्रकृति और आत्मा को एक मानता है।
Ideogenetic Theory
प्रत्ययजनन-सिद्धांत
ब्रेन्टानो (Brentano) एवं अन्य संवृतिवादियों का एक सिद्धांत जिसके अनुसार निर्णय चेतना की एक ऐसी क्रिया है जो प्रत्ययों को उत्पन्न करती है।
Ideographic Language
भावलेखात्मक भाषा
लाईब्नित्ज़ (Leibnitz) के अनुसार, ऐसी भाषा जिसमें प्रत्येक सरल संकेत एक सरल प्रत्यय का बोधक हो और संयुक्त संकेत एक संयुक्त प्रत्यय का : इसकी योजना ज्ञान को सबके लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
Ideology
1. प्रत्ययविज्ञान - फ्रेंच दार्शनिक देस्त्यूत द त्रसी (destutt de tracy : 1754-1836) द्वारा प्रत्ययों का विश्लेषण करने और संवेदनों से उनकी उत्पत्ति दिखाने वाले विज्ञान के लिए सर्वप्रथ्म प्रयुक्त शब्द।
2. सिद्धांतवाद - कुछ अर्थनियतत्ववादियों द्वारा प्रभावोत्पादक व्यवहार के विपरीत प्रभावहीन या कोरे विचारों या सिद्धांतों के अर्थ में प्रयुक्त।
3. वैचारिकी, विचारधारा - जीवन की सामान्य समस्याओं के विषय में व्यवस्थाबद्ध चिंतन।
Idiopathic Unipathy
स्वैकानुभूति
भावात्मक स्तर पर इतर का अहम् में विलय हो जाना और इस प्रकार दोनों का अभेद हो जाना।
Idio-Psychological Ethics
अंतर्विवेकात्मक नितिशास्त्र
जेम्स मार्टिन्यू (1805-1899) के अनुसार, वह नीतिशास्त्र या नैतिक सिद्धि जो अंतर्विवेक पर आधारित हो।
Idiotology
व्यष्टि विज्ञान
मैकेंजी (Mackenzie) के अनुसार, मानवविज्ञान की वह शाखा जिसका विषय समाज न होकर व्यष्टि व्यक्ति हो।