ऋण तथा क्रय-मूल्य के पूर्व-निर्धारित अंतरालों पर किए जाने वाले खंडशः भुगतानों की राशि।
Instalment buying
किश्त पर ख़रीद
वस्तु-क्रय की एक विधि जिसके अनुसार क्रेता माल ख़रीदते समय उसका एक अंश शुरू में अदा कर देता है और बाक़ी रक़म पूर्व-निर्धारित अंतरालों पर खंडशः अदा करता है।
Insurance
बीमा
दो पक्षों के बीच विद्यमान संविदात्मक संबंध जिसके अंतर्गत एक पक्ष अर्थात् बीमाकर्ता एक निर्दिष्ट राशि लेकर दूसरे पक्ष अर्थात् बीमादार को संविदा में उल्लिखित घटनाओं से होने वाली हानि की भरपाई करने का वचन देता है।
insurance के प्रमुख प्रकारों के लिए दे. automobile insurance, convertible insurance, endowment insurance, marine insurance, mutual insurance, term insurance, third party insurance
Insurance policy
बीमा पॉलिसी
बीमाकर्ता और बीमित व्यक्ति के बीच होने वाला लिखित करार। इस क़रार में बीमा की शर्त, बीमित संपत्ति का ब्यौरा, संरक्षित जोखिम का उल्लेख, बीमाराशि, अवधि तथा किश्त आदि का विवरण दिया होता है।
Intangible asset
अगोचर परिसंपत्ति, अमूर्त परिसंपत्ति
ऐसी अभौतिक परिसंपत्ति जिसका प्रतिष्ठान के लिए मूल्य तो है पर उसे सरलता से निर्धारित नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए सुनाम, कॉपीराइट, पेटेन्ट, ट्रेड मार्क आदि। प्रतिष्ठान को बेचते समय चाहे 'अगोचर परिसंपत्तियों' की भारी क़ीमत मिल सकती हो पर लेखाबहियों में इनका मूल्य प्रायः नाममात्र ही दिखाया जाता है।
तुल दे. tangible asset
Interest
ब्याज, सूद
अ - द्रव्य के प्रयोग के एवज़ में कर्ज़दार द्वारा ऋणदाता को दिया गया प्रभार। 'ब्याज' की दर कर्ज़ लेते समय ही तय कर ली जाती है और उसे मूलधन पर वार्षिक प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है
आ - पूँजी-निवेश पर प्रतिफल।
Intermediate goods
मध्यवर्ती वस्तुएँ, मध्यवर्ती माल
वे उत्पादित वस्तुएँ जो अन्य वस्तुओं के उत्पादन में काम आती हैं।
तुल. दे. final goods
Inventory
माल, स्टॉक; माल-सूची
माल, स्टॉक : कच्चा माल, अर्धनिर्मित माल, तैयार माल और हाथ में, मार्ग में तथा स्टोर में विक्रयार्थ उपलब्ध माल।
माल-सूची : स्टॉक की पड़ताल के दौरान तैयार की गई फ़ेहरिस्त जिसमें माल का विवरण, मात्रा, क़ीमत आदि दी रहती है।