सहज प्रत्यय
बुद्धिवादी विचारकों के अनुसार, वे प्रत्यय जो जन्म से ही मनुष्य के मन में होते हैं, जिन्हें शिक्षा और अनुभव से प्राप्त करने की जरूरत नहीं होती, और सामान्यतः जो सभी मनुष्यों को प्राप्त होते हैं। ईश्वर, अमरत्व, पाप और पुण्य आदि ऐसे ही प्रत्यय हैं।
Innatism
सहजप्रत्ययवाद
ज्ञानमीमांसीय सिद्धांत जिसके अनुसार प्रत्यय मन के अंदर जन्म से ही अपने पूर्ण रूप में अथवा बीज-रूप में विद्यमान रहते हैं।
Inner Intension
आंतर अभिप्राय
मैकेन्जी के अनुसार किसी कार्य के सम्पादन के लिये कर्त्ता का अप्रकट या अनभिव्यक्त अभिप्राय / मनोरथ, जो उसके प्रकट या अभिव्यक्त मनोरथ से भिन्न हो सकता है।
Inner Sense
अंतःकरण, अन्तरिन्द्रिय
देखिए `internal sense`।
Inorganic Evolution
अजैव-विकास
जड़ पदार्थों की सरल से जटिल एवम् जटिलतर होने की नैसर्गिक प्रक्रिया।
Inseparable Accident
अवियोज्य आगंतुक गुण
वह आगंतुक गुण जो वर्ग के प्रत्येक व्यष्टि में पाया जाय अथवा व्यष्टि में सदैव विद्यमान रहे।
उदाहरण : कौवे का काला रंग, व्यक्ति-विशेष की जन्मतिथि।
Insolubilia
असमाधेय
विरोधाभासों (paradoxes) के लिए मध्ययुगीन दर्शन में प्रयुक्त नाम : इसके अंतर्गत ऐसे कथन आते हैं जैसे `यह कथन सत्य नहीं है`।
द्राष्टांतिक प्रतिज्ञप्ति
अस्तित्व (existence) `(ईश्वर है)` और वर्तित्व (subsistence) `(3+4=7)` बताने वाली प्रतिज्ञप्तियों का सामूहिक नाम।
Instantiation
दृष्टांतीकरण
प्रतीकात्मक प्रतिज्ञप्ति में किसी व्यष्टि-चर के स्थान पर एक व्यष्टि-अचर को रख देना। देखिए `individual constant` तथा `individual variable`।