मताग्रही अंतःप्रज्ञावाद
नीतिशास्त्र आदि में अंतः प्रज्ञावाद का एक प्रकार जिसके अनुसार उचित या अनुचित, शुभ या अशुभ का ज्ञान अंतःप्रज्ञा से होता है जिसमें तर्क की अपेक्षा नहीं होती है।
Dogmatism
रूढ़िवाद, मताग्रह
बुद्धिवादियों का यह दृढ़ विश्वास है कि तर्क अथवा बुद्धि के द्वारा सृष्टि के विषय में निश्चयात्मक ज्ञान की प्राप्ति हो सकती है। कांट के अनुसार प्रत्येक बुद्धिवाद का रूढ़िवाद में पर्यवसान होता है।
Doksamosk
डोक्सामोस्क
तर्कशास्त्र में, साक्षात् आकृत्यंन्तरण के लिये तृतीय आकृति के वैध विन्यास `बोचार्डो` के लिये प्रयुक्त वैकल्पिक नाम देखिये `bocardo`.
Double Epicheirema
उभयपक्षीय संक्षिप्त प्रतिगामी तर्कमाला
वह संक्षिप्त प्रतिगामी तर्कमाला जिसमें उत्तर-न्यायवाक्य के दोनों आधारवाक्यों को लुप्तावयव न्यायवाक्यों के द्वारा सिद्ध किया जाता है।
उदाहरण : सभी क ख हैं, क्योंकि सभी म ख हैं और सभी क म हैं;
सभी म ख हैं, क्योंकि सभी ल ख हैं; और सभी क म हैं, क्योंकि सभी क य हैं।
Dualism
द्वैतवाद
तत्वमीमांसा में, वह सिद्धांत जो दो स्वतंत्र तत्वों अथवा सत्ताओं को अंतिम मानता है। जैसे : पुद्गल और आत्मा को।
Duty
कर्तव्य
वह कर्म जो हमें इच्छा-अनिच्छा से करना ही चाहिए, अर्थात् जिसे करने के लिये हम नैतिक रूप से बाध्य हैं।
Dyadic Relation
द्विपदी संबंध
दो पदों का संबंध। जैसे : ''राम श्याम से बड़ा है'' में संबंध ''बड़ा होना''।
Dysteleology
उद्देश्यहीनता, असत्प्रयोजनवता, प्रयोजनहीनता
वह सिद्धांत जो यह मानता है कि इस विश्व में किसी वस्तु का कोई प्रयोजन नहीं है। यह मत प्रयोजनवाद का विरोधी सिद्धांत है।