अध्यापन की एक विधि जिसमें छात्रों द्वारा पढ़े हुए पाठों को मौखिक रूप से बार-बार दोहराने पर बल दिया जाता है।
recognition method
प्रत्यभिज्ञान प्रणाली
किसी चित्र की या शब्द की पहचान से अक्षर ज्ञान कराने की प्रणाली, जैसे- कबूतर और कौए के चित्र की पहचान करवा कर उनके शब्दों की पहचान से 'क' अक्षर का ज्ञान कराया जाता है।
recognition test
प्रत्यभिज्ञान परीक्षण
ऐसा परीक्षण जिसमें व्यक्ति को प्रशनों के विविध उत्तर सुझाए जाते हैं और उनमे से सही उत्तर पहचानने को कहा जाता है। वैकल्पिक उत्तर परीक्षण, मिलान परीक्षण, बहु-विकल्प परीक्षण, कार्यकरण परीक्षण आदि प्रत्यभिज्ञान परीक्षण के कुछ प्रकार हैं।
recognized school
मान्यता प्रात विद्यालय
राज्य के शिक्षा निदेशालय या अन्य प्राधिकृत संस्था द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय। यह मान्यता विद्यालय में निर्धारित कुछ अपेक्षाएं पूरी करने पर ही प्रदान की जाती हैं।
record book
1.वृत्त पुस्तक, अभिलेख ग्रंथ 2. बही खाता
1. विद्यालय में रहने वाला रजिस्टर जिसमें अध्यापकगण अपनी-अपनी कक्षा के छात्रों का पाठ्य-विषयों में प्राप्त अंकों का अभिलेख रखते हैं।
2. कक्षाध्यापक के पास रहने वाला एक रजिस्टर जिसमें छात्रों की विद्यालय प्रवेश तिथी, उनकी उपस्थिति, अनुपस्थिति के साथ-साथ विद्यालय छोड़ने की तिथि और उसकी चरित्र-विशेषताएं लिखी रहती हैं।
recreation
मनोविनोद
ऐसे सुखदायक क्रियाकलाप जिससे अवकाश के समय में वयक्ति अपना मन बहला सके और शारीरिक और मानसिक रूप से नवीनता अनुभव कर सके। ऐसे मनोरंजक कार्यों में व्यक्ति अत्माभिव्यक्ति, आनन्द और विश्रांति के अवसर प्राप्त करता है। खेल, संगीत, कला, नृत्य, नाटक, बागवानी, समाज-कार्य, अध्ययन आदि रूचिकर्म ऐसे ही क्रियाकलाप हैं।
recreational approach
मनोविनोदात्मक उपागम
अ- किसी साहित्यिक कृति को कक्षा के सामने इस प्रकार प्रस्तुत करना कि छात्र उसको अध्ययन का एक विषय न समझ कर पढ़ने और आनन्द प्राप्त करने का साधन समझें।
आ- किसी भी विषय को पढ़ाने की ऐसी विधि जिसमें छात्रों की मनोरंजनवृत्ति को आधार बनाया जाए।
recreation service
मनोविनोद सेवा
मनोरंजन के लिए धन, सुविधाएं और कर्मचारी प्रदायिनी सेवा।
rector
कुलदेशिक, महाचार्य, रेक्टर
किसी विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षिक संस्था का एक उच्चाधिकारी। बहुधा यह अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष होता है।
reduced cue
अल्प संकेत
शब्दों को पहचानने में पाठक का संकेतों के प्रयोग में धीरे-धीरे कमी करना जो पठन कौशल में परिपक्वता का सूचक है।